Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryस्थानीय निषादराज भवन में आयोजित पंच-सरपंच सम्मेलन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब प्रतिनिधियों ने गांवों में रुके विकास कार्यों को लेकर सवाल उठाए। सांसद के भाषण के बीच उप सरपंच के विरोध जताने के बाद कार्यक्रम में जमकर हंगामा हुआ।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-story-70474a63
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर शहर के निषादराज भवन में बुधवार को पंच-सरपंच सम्मेलन का आयोजन किया गया था, जो बाद में जनप्रतिनिधियों के तीखे विरोध का अखाड़ा बन गया। सम्मेलन के दौरान मंच से जब सांसद शिवमंगल सिंह तोमर अपनी उपलब्धियां गिना रहे थे, तभी वहां मौजूद स्थानीय प्रतिनिधियों ने गांवों में विकास कार्य ठप होने का मुद्दा उठा दिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क निर्माण के दावों पर उप सरपंच ने उठाए सवाल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसांसद अपने संबोधन में सरकारी योजनाओं की प्रगति और क्षेत्र में 60 नई सड़कों की स्वीकृति मिलने का दावा कर रहे थे। इसी बीच पच्चीपुरा के उप सरपंच महेंद्र सिंह गुर्जर अपनी सीट से खड़े हो गए और उन्होंने दावा किया कि उनके गांव में डेढ़ किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य पिछले कई वर्षों से अटका हुआ है। जैसे ही उप सरपंच ने विरोध जताते हुए मंच की ओर कदम बढ़ाए, वहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया और इसी गहमागहमी के बीच सांसद अपना भाषण समाप्त कर कार्यक्रम स्थल से चले गए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबजट और मनरेगा कार्यों पर फूटा गुस्सा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसांसद के जाने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों का आक्रोश और अधिक बढ़ गया और उन्होंने खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उपस्थित सरपंचों और पंचों का कहना था कि पहले से ही मनरेगा के तहत पर्याप्त काम नहीं मिल पा रहे थे और अब नई योजनाओं के जरिए भी पंचायतों को किसी प्रकार का बजट आवंटित नहीं किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण इलाकों का विकास पूरी तरह बाधित हो गया है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान बर्धा के सरपंच कप्तान जाट ने भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में साफ-सफाई के नाम पर आने वाला फंड धरातल पर सरपंचों तक पहुंच ही नहीं रहा है। प्रशासनिक व्यवस्थाओं की सुस्ती को लेकर प्रतिनिधियों में खासा रोष देखा गया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखान-पान की व्यवस्थाओं को लेकर भी जताया विरोध Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविकास कार्यों की अनदेखी से उपजा यह गुस्सा केवल बैठकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सम्मेलन में की गई व्यवस्थाओं पर भी इसका असर दिखा। पंच-सरपंचों ने कार्यक्रम में परोसे गए नाश्ते की गुणवत्ता को लेकर भी तीखा ऐतराज जताया और आयोजकों की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए। पूरे दिन चले इस सम्मेलन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की नाराजगी के कारण माहौल गरमाया रहा। Add text below Add image below