Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र में चंबल समूह पेयजल योजना की भूमि सीमांकन विवाद को लेकर एक महिला लगभग 36 घंटे तक बीएसएनएल टॉवर पर बैठी रही। सोमवार शाम को उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-36-48fef0d0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले के वीरपुर इलाके में एक महिला लगभग 36 घंटे तक बीएसएनएल टॉवर पर चढ़ी रहने के बाद सोमवार शाम करीब सात बजे सुरक्षित रूप से नीचे उतर आई। यह घटना 782.11 करोड़ रुपये की श्योपुर-चंबल समूह पेयजल परियोजना के भूमि सीमांकन विवाद से जुड़ी हुई थी। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस लंबे चले घटनाक्रम के बाद, महिला को तत्काल वीरपुर के स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। उसके भाई ने उसे समझा-बुझाकर टॉवर से नीचे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभूमि विवाद और महिला की मांग Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्यारदा गांव निवासी रामा पत्नी बाबूलाल रविवार सुबह से ही टॉवर पर चढ़ी हुई थी। उसकी मुख्य मांग थी कि जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) के लिए निर्धारित भूमि के समीप स्थित पट्टाधारियों की 11 बीघा जमीन का उचित सीमांकन किया जाए। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह विवाद पुराने और कथित तौर पर गलत भूमि रिकॉर्ड के कारण उत्पन्न हुआ है। महिला के परिजन और गांव के लोग पूरी रात टॉवर के नीचे डटे रहे, और उसका 10 वर्षीय बेटा भी लगातार अपनी माँ को नीचे आने के लिए पुकारता रहा। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविरोध प्रदर्शन के दौरान हुई अन्य घटनाएँ Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे घटनाक्रम के दौरान, सड़क जाम करने, आत्महत्या के प्रयास और मारपीट जैसी कई अन्य घटनाएँ भी सामने आईं। सोमवार शाम लगभग 5 बजे, प्रदर्शन में शामिल एक युवक ने भी टॉवर पर चढ़कर फांसी लगाने का प्रयास किया, जिसे मौके पर मौजूद लोगों ने सुरक्षित नीचे उतार लिया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके बाद, कुछ आक्रोशित प्रदर्शनकारी नई बस्ती पहुँचे और राठौर परिवार के घर में घुसकर मारपीट की। इस विवाद में लाठी-डंडे और पथराव भी हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। इस मारपीट में रघुनंदन (75), अशोक (50), कल्लो (60), दुलारी (50), गुड़िया (27) और अंगूरी (40) सहित राठौर परिवार के छह सदस्य घायल हो गए, जिन्हें वीरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर 10 नामजद व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरियोजना पर असर और प्रशासनिक रुख Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर-चंबल समूह पेयजल योजना का उद्देश्य 377 गाँवों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाना है। श्यारदा गांव में 7.5 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र (वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट) के निर्माण स्थल पर चल रहे इस विवाद के कारण पूरी परियोजना का काम बाधित हो गया है। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्माण एजेंसी अब तक लगभग 130 किलोमीटर पाइपलाइन बिछा चुकी है और 18 ओवरहेड टंकियों का कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। हालांकि, जल शोधन संयंत्र का निर्माण पूरा न होने के कारण इन गाँवों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पा रही है। Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिला के टॉवर से नीचे उतरने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत महसूस की है। हालांकि, भूमि विवाद और सीमांकन की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का फैसला किया है। Add text below Add image below