Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्योपुर जिले के किसानों ने पर्याप्त सिंचाई पानी और विभिन्न विकास कार्यों की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/sheopur-167-8a7a0188
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्योपुर जिले में किसानों ने सोमवार को सिंचाई संकट और अन्य कृषि संबंधी समस्याओं को लेकर मुखर विरोध दर्ज कराया। किसान नेता राधेश्याम मीणा मूंड़ला की अगुवाई में बड़ी संख्या में अन्नदाता कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर प्रदर्शन किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल नहर में 3,200 क्यूसेक पानी छोड़ने की उठाई मांग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्य दाहिनी नहर में 3,200 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की पुरजोर मांग उठाई। किसानों का कहना था कि नहर का पानी अंतिम छोर यानी टेल क्षेत्र तक पहुंचना चाहिए, ताकि वहां के किसानों को भी पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों ने श्योपुर जिले के हिस्से के पानी का पूरा लाभ स्थानीय स्तर पर देने और जल वितरण की व्यवस्था की प्रभावी निगरानी कराने पर जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि टेल क्षेत्र तक पानी पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote167 करोड़ की सूक्ष्म सिंचाई परियोजना में लीकेज और जांच की मांग Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteज्ञापन के माध्यम से किसानों ने करीब 167 करोड़ रुपए की लागत से 35 गांवों के लिए तैयार की गई चंबल सूक्ष्म सिंचाई परियोजना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि टेस्टिंग के दौरान ही मुख्य लाइन समेत कई स्थानों पर लीकेज सामने आ चुके हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों ने इस पूरी परियोजना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जांच में भ्रष्टाचार या तकनीकी अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार, कंपनी और दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमूझरी बांध और ओपन नहर प्रणाली को लेकर भी रखा पक्ष Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों ने लगभग 415 करोड़ रुपए की लागत वाली मूझरी बांध परियोजना का काम भी शीघ्र आरंभ कराने की मांग की। उनका तर्क है कि इस बांध के बन जाने से क्षेत्र में सिंचाई का दायरा काफी बढ़ जाएगा और भूजल स्तर में भी सुधार होगा। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा, मूझरी बांध परियोजना के तहत ओपन नहर प्रणाली का निर्माण कराने की भी मांग उठी, ताकि पानी का फैलाव अधिक क्षेत्र में हो सके। प्रदर्शन के अंत में किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। Add text below Add image below