Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमूसलाधार बारिश के बाद सबलगढ़ तालाब पूरी क्षमता के साथ भर गया है, जिससे किसानों और स्थानीय नागरिकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। जलस्तर वियर के स्तर तक पहुंचने से क्षेत्र के लोगों और सैलानियों का आना-जाना शुरू हो गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-fcd74e01
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबारिश के बाद लबालब हुआ सबलगढ़ तालाब Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमूसलाधार बारिश के चलते सबलगढ़ तालाब पूरी तरह से भर चुका है। शनिवार सुबह 8 बजे सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस तालाब का जलस्तर सीधे वियर के लेवल पर पहुंच गया है। इस जल भराव के बाद से स्थानीय रहवासियों और किसानों के बीच काफी उत्साह का माहौल देखा जा रहा है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों और पशुओं को मिलेगी राहत Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मानसून सीजन में अधिकांश समय बारिश कम होने से किसान और आम नागरिक काफी चिंतित व मायूस थे। अब तालाब के लबालब होने से सिंचाई का संकट दूर होने की उम्मीद जगी है, जिससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। इसके अलावा क्षेत्र के मवेशियों और जंगली जानवरों के लिए भी आसानी से पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइतिहास पर नजर डालें तो करीब दस साल पहले इस तालाब के पानी से 175 हेक्टेयर कृषि भूमि की सिंचाई की जाती थी। प्रशासन द्वारा वर्ष 2011-12 के दौरान लगभग दो करोड़ रुपये खर्च करके इसका जीर्णोद्धार कराया गया था। इस जलसंरचना की कुल जल भराव क्षमता 6.91 मिलियन घन मीटर है, और अच्छी बारिश होने पर इसमें 4.41 मिलियन घन मीटर पानी जमा हो जाता है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरिसाव की समस्या और सौंदर्यीकरण कार्य Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभले ही तालाब भर गया हो, लेकिन इसकी दीवारों से होने वाले रिसाव के कारण पानी लंबे समय तक टिक नहीं पाता है। स्थानीय किसान नासिर खान ने अपनी बात साझा करते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में ही तालाब की तली में खेती करने का मौका मिलता है, क्योंकि अप्रैल महीने की शुरुआत से ही तालाब सूखने लगता है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, नगर पालिका की ओर से लगभग 1.01 करोड़ रुपये की लागत से इस परिसर का सौंदर्यीकरण किया गया है, जिसके तहत पक्के रास्ते और घाटों का निर्माण हुआ है। पिछले साल क्वांर मास में पितरों को जल अर्पित करने के वास्ते विशेष घाट भी बनवाए गए थे। आसपास के इलाकों से लोग अपने गुरुजनों के साथ यहां पूर्वजों को तर्पण देने पहुंचते हैं, जिससे इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय सैलानी सोनू के अनुसार, कल शाम हुई तेज मूसलाधार बारिश के बाद से ही तालाब का जलस्तर तेजी से बढ़कर वियर के लेवल तक पहुंच गया है। Add text below Add image below