Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-श्योपुर रेल खंड के सबलगढ़ स्टेशन पर रनिंग रूम का निर्माण तीन साल बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही के कारण लोको पायलट और गार्ड्स के विश्राम की व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे नई ट्रेनों के संचालन पर भी असर पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-d9830f5c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-श्योपुर रेल खंड के महत्वपूर्ण सबलगढ़ रेलवे स्टेशन पर रनिंग रूम के निर्माण का मामला पिछले तीन साल से अधर में लटका हुआ है। जरूरी बुनियादी ढांचे के इस अभाव के चलते ट्रेन संचालन से जुड़े लोको पायलट और गार्ड को ड्यूटी के दौरान विश्राम करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविश्राम के अभाव में प्रभावित हो रहा ट्रेन संचालन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारतीय रेलवे के तय नियमों के मुताबिक लंबी ड्यूटी के बाद या अगली यात्रा शुरू करने से पहले क्रू स्टाफ को नियमानुसार उचित आराम मिलना बेहद जरूरी है। सबलगढ़ में रनिंग रूम तैयार न होने के कारण ट्रेनों के तय समय और उनके फेरों को व्यवस्थित करने में लगातार तकनीकी और व्यावहारिक बाधाएं आ रही हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमौजूदा हालात ऐसे हैं कि ट्रेनों को इस तरह संचालित करना पड़ रहा है ताकि स्टाफ को विश्राम के लिए अपने मुख्य मुख्यालय जैसे ग्वालियर लौटना पड़े। इसके चलते यात्रियों की सहूलियत के हिसाब से पीक आवर्स में ट्रेनों का समय तय नहीं हो पाता है। सुरक्षा मानकों के तहत यदि चालक दल को पर्याप्त आराम न मिले, तो ट्रेनों के संचालन में विलंब होता है, जिससे आम यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ती है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयात्रियों और स्थानीय लोगों की बढ़ रही परेशानियां Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरनिंग रूम न होने की वजह से सबलगढ़ से आगे बीरपुर या श्योपुर की ओर जाने वाली मुख्य लाइनों तथा अन्य मेमू ट्रेनों के समय का सही तालमेल नहीं बैठ पा रहा है। समय पर ट्रेनें उपलब्ध न होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत तमाम मुसाफिरों को स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी यात्रा काफी थकाऊ हो जाती है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि ब्रॉडगेज लाइन के विकास कार्यों के साथ ही ग्वालियर-कैलारस-सबलगढ़-बीरपुर मेमू रेल सेवा जैसी नई सेवाओं की शुरुआत हुई है, जिससे इस क्षेत्र में रनिंग रूम की आवश्यकता और अधिक महसूस की जाने लगी है। आगामी 18 अगस्त को कैलारसी मेमू ट्रेन के शुरू होने से यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों को ज्ञापन देने की तैयारी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गंभीर समस्या का कोई स्थायी समाधान निकालने के लिए अब रनिंग स्टाफ और स्थानीय यात्री संगठनों द्वारा उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय को लिखित शिकायत और ज्ञापन सौंपने पर विचार किया जा रहा है। इसके साथ ही, रेल यात्रियों की सहूलियत के वास्ते रेल मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल पर भी विधिवत शिकायत दर्ज कराने की रूपरेखा तैयार की जा रही है। Add text below Add image below