Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकैलारस विकासखंड के खेरली-पचोखरा मार्ग पर गुराह नाले का पुल बारिश के पानी में डूब गया है। जान जोखिम में डालकर लोग रस्सी और कढ़ाही के सहारे नाला पार करने को मजबूर हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-5ba577d0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के कैलारस विकासखंड के अंतर्गत आने वाले खेरली-पचोखरा मार्ग पर स्थिति गुराह नाले का पुल लगातार हो रही बारिश के कारण पानी में डूब गया है। हालात यह हैं कि पुल के ऊपर से तेज बहाव में पानी बह रहा है, जिससे इस रास्ते पर सफर करना बेहद खतरनाक हो गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकढ़ाही और रस्सी के सहारे हो रहा आवागमन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुल पर पानी तेज बहने के बावजूद ग्रामीण और राहगीर अपनी जान को दांव पर लगाकर रास्ता पार कर रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक अनोखा और खतरनाक जुगाड़ निकाला है। लोग बड़ी कढ़ाही जैसे बर्तन में बैठकर और रस्सी के सहारे उफनते नाले के एक छोर से दूसरे छोर तक जा रहे हैं। पानी का बहाव इतना तेज है कि थोड़ी सी भी असावधानी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहर साल बरसात में बनती है यही परेशानी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में जलस्तर बढ़ते ही खेरली-पचोखरा मार्ग का संपर्क टूट जाता है। पुल के ऊपर पानी आने से दोपहिया वाहन चालकों और पैदल चलने वालों की मुश्किलें बहुत बढ़ जाती हैं। कई बार बहाव इतना तेज होता है कि लोगों का निकलना पूरी तरह असंभव हो जाता है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने क्या कहा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजौरा एसडीएम शुभम शर्मा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि खेरली और पचोखरा दोनों अलग-अलग गांव हैं। उन्होंने बताया कि एक बुजुर्ग की तेरहवीं के कार्यक्रम के दौरान लोगों द्वारा इस तरह नाला पार किए जाने की बात सामने आई थी। एसडीएम के अनुसार ग्रामीणों के पास आने-जाने के लिए अन्य वैकल्पिक रास्ते भी उपलब्ध थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यह जोखिम भरा मार्ग चुना। घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत प्रशासनिक टीम को मौके पर रवाना कर दिया गया है। Add text below Add image below