Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपोरसा के सरकारी अस्पताल में बुखार का इलाज कराने पहुंची एक युवती को एक्सपायरी दवा थमाने का मामला सामने आया है। पैकेट पर तारीख देखकर मरीज और परिजनों ने नाराजगी जताई है, वहीं स्वास्थ्य अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-2fd13065
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के पोरसा स्थित शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल की डिस्पेंसरी से मरीजों को बांटी जाने वाली दवाओं में भारी लापरवाही बरते जाने का मामला प्रकाश में आया है। यहां उपचार के लिए पहुंची एक स्थानीय युवती को ऐसी दवा थमा दी गई, जिसकी मियाद खत्म हो चुकी थी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुखार के इलाज के लिए पहुंची थी अस्पताल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपोरसा की रहने वाली काजल तोमर कुछ दिनों पहले बुखार से पीड़ित थीं और इसी सिलसिले में वह स्वास्थ्य लाभ के लिए शासकीय अस्पताल गई थीं। अस्पताल के चिकित्सक ने उनका परीक्षण करने के बाद उन्हें कुछ दवाएं लिखीं और पर्ची पर लिखकर डिस्पेंसरी से दवाइयां निःशुल्क प्राप्त करने के लिए कहा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकाजल ने डॉक्टर के निर्देशानुसार अस्पताल के दवा वितरण काउंटर से दवाएं लीं और अपने घर लौट आईं। लेकिन घर पहुंचने के बाद जब उन्होंने दवा का सेवन करने से पहले उसके रैपर पर नजर डाली, तो उन पर छपी तारीख देखकर उनके होश उड़ गए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरैपर पर दर्ज थी जनवरी 2026 की एक्सपायरी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयुवती द्वारा देखे गए दवा के पैकेट पर एक्सपायरी डेट जनवरी 2026 अंकित थी। समय सीमा निकल चुकी होने के कारण यह साफ हो गया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। गनीमत यह रही कि युवती ने दवा खाने से पहले पैकेट की जांच कर ली, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजब इस बात की जानकारी युवती और उसके परिजनों को हुई, तो वे तुरंत अस्पताल वापस पहुंचे और वहां मौजूद कर्मियों के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराई। आरोप है कि अस्पताल में शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार कर्मचारियों ने उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों ने दिए जांच के आदेश Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे प्रकरण पर पोरसा अस्पताल के बीएमओ डॉ. शैलेंद्र तोमर से संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इस वजह से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि अस्पताल के स्टोर से मियाद पार कर चुकी दवाएं काउंटर तक कैसे पहुंच गईं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले के तूल पकड़ने के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. पद्मेश उपाध्याय ने प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि इस विषय में उन्हें अभी आधिकारिक रूप से सूचना मिली है। उन्होंने मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए कहा कि इसकी पूरी तहकीकात कराई जाएगी और दोषियों के विरुद्ध उचित कदम उठाए जाएंगे। Add text below Add image below