Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना नगर निगम परिषद की बैठक महापौर की गैर-मौजूदगी में शुरू होते ही भारी हंगामे की भेंट चढ़ गई। विशेष सम्मेलन के पत्र पर दर्ज हस्ताक्षरों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद आपस में भिड़ गए, जिसके चलते बिना किसी चर्चा के बैठक को टालना पड़ा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-25c7d6af
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल अंचल के मुरैना नगर निगम परिसर में आयोजित परिषद की बैठक गुरुवार को भारी विरोध और हंगामे के साथ शुरू हुई। महापौर की अनुपस्थिति में बुलाई गई इस बैठक की शुरुआत में ही उस वक्त माहौल गरमा गया जब नेता प्रतिपक्ष द्वारा लाए गए एक पत्र के दस्तावेजों पर चर्चा छिड़ गई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहस्ताक्षरों की वैधता को लेकर भिड़े सत्ता पक्ष और विपक्ष के पार्षद Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद की मुख्य जड़ वह पत्र था जिसे नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना की ओर से विशेष सम्मेलन बुलाने के लिए प्रस्तुत किया गया था। इस पत्र पर चार भाजपा पार्षदों के हस्ताक्षर होने का दावा किया गया था। जैसे ही इस पर बात उठी, संबंधित एमआईसी सदस्यों ने इन हस्ताक्षरों को अपना मानने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि उनके नाम का दुरुपयोग किया गया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस इंकार के बाद सदन में तीखी झड़प शुरू हो गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नेता प्रतिपक्ष विनीत कंसाना ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ये हस्ताक्षर फर्जी हैं, तो संबंधित पार्षद गंगाजल उठाकर कसम खाएं या फिर उनके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया जाए। कंसाना ने दावा किया कि पत्र पर उन्हीं के दस्तखत हैं और अब दबाव के चलते वे मुकर रहे हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनारेबाजी के बीच गूंजे 'चंदा चोर गद्दी छोड़' के नारे Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद बढ़ने के साथ ही सदन के भीतर पार्षदों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों के सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। सदन कक्ष में 'भ्रष्टाचार बंद करो' और 'चंदा चोर, गद्दी छोड़' जैसे तीखे नारे गूंज उठे, जिससे सदन की गरिमा तार-तार होती नजर आई। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहंगामे के इस माहौल में कार्यवाही को आगे चलाना नामुमकिन हो गया। दोनों खेमों के तेवर नरम होते न देख, आखिरकार महापौर की अनुपस्थिति में मुरैना नगर निगम परिषद की इस महत्वपूर्ण बैठक को बिना किसी नतीजे के स्थगित करना पड़ा। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधूरे रह गए शहर विकास से जुड़े सात अहम प्रस्ताव Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहंगामे की वजह से शहर के विकास कार्यों से जुड़े कुल सात महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का अवसर ही नहीं मिल सका। इन प्रस्तावित एजेंडों में राजस्व शाखा की कार्यप्रणाली, शहर की स्वच्छता व्यवस्था, निर्माण शाखा के कामकाज और सीवर प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा शामिल थी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा, बैठक में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को दस साल की सेवा के बाद नियमित करने, बिना अनुमति आयोजित महापौर टूर्नामेंट और उसमें कथित गड़बड़ियों की जांच जैसे गंभीर विषय भी सूची में थे। साथ ही वर्तमान परिषद द्वारा लाए गए विकास कार्यों के भुगतानों पर भी मुहर लगनी थी, लेकिन गतिरोध के कारण सभी प्रस्ताव धरे के धरे रह गए। Add text below Add image below