Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअंबाह विकासखंड की ग्राम पंचायत बड़फरा की सरपंच पूनम राठौर को वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी भुगतानों के मामलों में पद से हटा दिया गया है। जिला पंचायत सीईओ ने यह कार्रवाई सोमवार शाम को की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-2221f0f0
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअंबाह जनपद क्षेत्र का मामला Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के अंबाह में प्रशासनिक स्तर पर एक सख्त कदम उठाया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने वित्तीय गड़बड़ियों के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद ग्राम पंचायत बड़फरा की सरपंच पूनम राठौर को उनके पद से निष्कासित कर दिया है। यह प्रशासनिक आदेश सोमवार की शाम सात बजे जारी किया गया। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस कार्रवाई से पहले ग्रामीणों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखित शिकायत भेजी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सरपंच के पद पर रहते हुए उनके देवर द्वारा पंचायत के कामकाज में अनावश्यक दखल दिया जा रहा है। इसके साथ ही बिना धरातल पर काम किए ही सरकारी राशि के फर्जी आहरण की शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में उजागर हुईं वित्तीय अनियमितताएं Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायतों के आधार पर अंबाह जनपद के सीईओ उमेश अवस्थी ने स्वयं पंचायत क्षेत्र का दौरा कर स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई निर्माण कार्यों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियां पाई गईं, जिनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला पंचायत सीईओ को भेजी गई थी। इसी रिपोर्ट को आधार बनाकर सरपंच को हटाने का निर्णय लिया गया। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2021-22 में स्वीकृत सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए 11.75 लाख रुपये मंजूर हुए थे, जिसमें से पोर्टल पर 4.70 लाख रुपये निकाले जा चुके थे, जबकि मौके पर केवल गड्ढे ही खुदे मिले। इसी तरह चिरपुरा में शांतिधाम निर्माण के लिए स्वीकृत 3.07 लाख रुपये और उप स्वास्थ्य केंद्र से गंगाराम के मकान तक नाला निर्माण के लिए स्वीकृत 4 लाख रुपये बिना काम शुरू किए ही निकाल लिए गए। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतालाब गहरीकरण और अन्य कार्य भी संदेह के घेरे में Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबड़फरा में तालाब गहरीकरण के लिए वर्ष 2023-24 में 1.46 लाख रुपये मंजूर किए गए थे। यह काम शिकायत दर्ज होने के बाद शुरू कराया गया, लेकिन इसकी राशि पहले ही निकाली जा चुकी थी। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा, गंगाराम के मकान से राम भरत प्रजापति के मकान तक नाला निर्माण कार्य (वर्ष 2024-25) के लिए 14.52 लाख रुपये स्वीकृत थे। निरीक्षण के दौरान यह कार्य भी मौके पर शुरू नहीं पाया गया, जिससे स्पष्ट हुआ कि सरकारी धनराशि का आहरण कर उसका दुरुपयोग किया गया है। Add text below Add image below