Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल में अवैध रेत उत्खनन पर नकेल कसने के लिए वन विभाग और पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। मुरैना के रिठौरा घाट पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस कैमरे लगाए गए हैं, जबकि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा पर संयुक्त रूप से निगरानी बढ़ाई गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-ai-d856d246
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचंबल नदी के रास्ते होने वाले अवैध रेत के कारोबार को पूरी तरह रोकने के लिए प्रशासन ने अब तकनीकी हथियारों का उपयोग शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मुरैना वन विभाग ने राजघाट के समीप स्थित संवेदनशील रिठौरा घाट पर आधुनिक एआई (AI) कैमरे स्थापित किए हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंवेदनशील इलाकों पर होगी हाई-टेक नजर Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफिलहाल इस इलाके की निगरानी के लिए दो अत्याधुनिक कैमरे सक्रिय किए गए हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और संवेदनशीलता को भांपते हुए दो और अतिरिक्त ड्रोन उपलब्ध कराने के लिए अपने उच्चाधिकारियों को औपचारिक पत्र भेजा है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना और डीएफओ हरीश चंद्र बघेल ने संयुक्त रूप से राजघाट पहुंचकर पूरे इलाके का मुआयना किया। इस दौरान अधिकारियों ने खुद ड्रोन उड़ाकर चंबल नदी के घाटों और आसपास के रास्तों का जायजा लिया। निरीक्षण के वक्त मौके पर अवैध उत्खनन या वाहनों की आवाजाही जैसी कोई संदिग्ध गतिविधि देखने को नहीं मिली और न ही वहां टायरों के निशान पाए गए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों ने परखी सुरक्षा व्यवस्था Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसपी धर्मराज मीना ने राजघाट पर ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा बलों को ड्रोन कैमरों के संचालन और निगरानी के संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पहले बेखौफ होकर रेत का अवैध उत्खनन किया जाता था, वहां अब पूरी तरह शांति बनी हुई है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य भविष्य में भी इस प्रकार की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। इसके लिए सुरक्षा बलों को लगातार अलर्ट रहने और गश्त का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quote437 किलोमीटर लंबे अभयारण्य क्षेत्र में चुनौती Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडीएफओ हरीश चंद्र बघेल के अनुसार, चंबल अभयारण्य का दायरा लगभग 437 किलोमीटर तक फैला हुआ है। इतने विशाल क्षेत्र में हर वक्त मैनुअल निगरानी करना एक बड़ी चुनौती है, इसलिए सबसे ज्यादा संवेदनशील और रेत माफिया के लिहाज से सक्रिय रहने वाले घाटों को आधुनिक कैमरों व ड्रोन की जद में लाया गया है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और एसपी धर्मराज मीना के मार्गदर्शन में जिला टास्क फोर्स, एसएएफ (SAF) और वन विभाग की टीमें मिलकर रात्रि गश्त को भी अंजाम दे रही हैं। Add text below Add image below11Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश और राजस्थान मिलकर कर रहे मॉनिटरिंग Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअवैध रेत परिवहन को रोकने के लिए अब अंतर-राज्यीय समन्वय भी स्थापित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश की तर्ज पर राजस्थान के धौलपुर वन विभाग द्वारा भी सीमावर्ती इलाकों में एआई कैमरे लगाने की योजना पर काम चल रहा है। Add text below Add image below13Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदोनों राज्यों के विभागों द्वारा ड्रोन सर्विलांस, कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग और रात्रि गश्त तेज किए जाने से चंबल के बीहड़ों और नदी मार्गों पर अवैध गतिविधियों पर लगाम कसने में काफी मदद मिल रही है। Add text below Add image below