Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के कैलारस विकासखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी के निरीक्षण के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। स्कूल से नदारद रहने वाले प्रधानाध्यापक की जगह एक निजी शिक्षिका बच्चों को पढ़ाती मिली, जिस पर DEO ने कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस जारी किया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-65-4500-8ad3bf3e
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअचानक निरीक्षण करने पहुंचे थे जिला शिक्षा अधिकारी Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। बीते शनिवार को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) बीएस इंदौलिया ने कैलारस विकासखंड के अंतर्गत आने वाले एक शासकीय प्राथमिक विद्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं की पोल खुल गई और भारी अनियमितताएं पाई गईं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहेडमास्टर की जगह पढ़ा रही थी निजी शिक्षिका Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच के दौरान स्कूल के प्रधानाध्यापक अमर लाल रावत अपनी ड्यूटी से गायब मिले। उनकी जगह एक निजी महिला शिक्षिका बच्चों को पढ़ाती हुई पाई गई। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रधानाध्यापक द्वारा इस प्राइवेट टीचर को महज 4,500 रुपए महीने पर रखा गया था, जबकि खुद हेडमास्टर को बच्चों को पढ़ाने के एवज में हर महीने करीब 65 हजार रुपए वेतन मिलता है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामने आया कि अमर लाल रावत स्कूल में केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने यानी हाजिरी लगाने आते थे और उसके बाद चले जाते थे। बच्चों की जिम्मेदारी पूरी तरह से उस निजी शिक्षिका पर छोड़ी हुई थी, जिसे वह अपने पास से वेतन देते थे। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्कूल पर नहीं था कोई साइन बोर्ड Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिरीक्षण के दौरान DEO को एक और बड़ी खामी देखने को मिली। विद्यालय के भवन पर किसी प्रकार का साइन बोर्ड नहीं लगाया गया था। हालात यह थे कि बाहर से देखने पर इस बात का अंदाजा लगाना भी असंभव था कि इस परिसर में कोई शासकीय प्राथमिक विद्यालय संचालित हो रहा है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनोटिस जारी कर मांगा गया जवाब Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिला शिक्षा अधिकारी ने मौके की तमाम व्यवस्थाओं और अनियमितताओं का खुद वीडियो भी बनाया। इस गंभीर लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने अनुपस्थित मिले प्रधानाध्यापक अमर लाल रावत को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों के अनुसार, आरोपी हेडमास्टर को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन का समय दिया गया है। यदि निर्धारित समयावधि के भीतर उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below