Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले में मानसून की गति धीमी बनी हुई है, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। 10 जुलाई तक जिले में केवल 126.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 230.8 मिमी कम है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-230-e8ab59c8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले में इस वर्ष मानसून की रफ्तार काफी सुस्त बनी हुई है। 10 जुलाई तक जिले में औसत वर्षा का आंकड़ा केवल 126.1 मिलीमीटर दर्ज किया गया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 230.8 मिलीमीटर कम है, जिससे किसानों की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब सभी की निगाहें अच्छी बारिश पर टिकी हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमानसून की वर्तमान स्थिति Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमानसून की धीमी गति के कारण जिले में वर्षा की कमी स्पष्ट दिख रही है। भू-अभिलेख एवं भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 10 जुलाई को जिले में औसतन मात्र 1.3 मिलीमीटर बारिश हुई। वहीं, 1 जून से 10 जुलाई तक कुल 126.1 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई है। गौरतलब है कि जिले की सामान्य औसत वर्षा 706.9 मिलीमीटर मानी जाती है, जिसके मुकाबले मौजूदा आंकड़ा काफी कम है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपिछले वर्ष के आंकड़ों पर गौर करें तो 10 जुलाई तक जिले में 356.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई थी। इसके विपरीत, इस वर्ष यह आंकड़ा केवल 126.1 मिलीमीटर तक ही पहुंच पाया है। यानी, इस बार अब तक 230.8 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। पिछले साल 10 जुलाई 2025 को अकेले 6.5 मिलीमीटर औसत वर्षा रिकॉर्ड की गई थी, जो इस साल की तुलना में काफी अधिक थी। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलवार वर्षा के आंकड़े Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quote10 जुलाई को जिले के विभिन्न वर्षामापी केंद्रों में जौरा में सर्वाधिक 6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। मुरैना में 2 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि पोरसा, अंबाह, कैलारस और सबलगढ़ में इस दिन बिल्कुल भी बारिश नहीं हुई। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quote1 जून से 10 जुलाई तक की अवधि में तहसीलवार वर्षा के आंकड़े भी असमानता दर्शाते हैं। इस दौरान जौरा में सबसे अधिक 220 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके बाद कैलारस में 156 मिलीमीटर, अंबाह में 152.5 मिलीमीटर, मुरैना में 83.4 मिलीमीटर, सबलगढ़ में 81 मिलीमीटर और पोरसा में सबसे कम 64 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों की चिंताएं और उम्मीदें Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमानसून की धीमी रफ्तार का सीधा असर खरीफ फसलों की बुवाई और अन्य कृषि कार्यों पर पड़ने की आशंका है। खेतों को पर्याप्त नमी न मिलने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। अब सभी किसान आने वाले दिनों में अच्छी और पर्याप्त बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि उनकी फसलें ठीक से पनप सकें और खेती का काम सुचारु रूप से आगे बढ़ सके। Add text below Add image below