Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryGwalior Telecom Manufacturing Zone setup India first integrated telecom technology ecosystem in Madhya Pradesh. देश की राजधानी दिल्ली में मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच एक बड़ा एमओयू हुआ है, जिसके तहत ग्वालियर अंचल में 170 एकड़ ज़मीन पर देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी ईकोसिस्टम स्थापित होने जा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-to-host-indias-first-integrated-telecom-manufacturing-zone-with-2000-crore-investment
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। दिल्ली में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय दूरसंचार विभाग के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस समझौते के तहत ग्वालियर में देश का पहला इंटीग्रेटेड टेलीकॉम टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना न केवल राज्य के लिए बल्कि पूरे देश के दूरसंचार क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। Add text below Add image below02Subheading Paragraph Heading Subheading Quote170 एकड़ में फैलेगा अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग जोन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में प्रस्तावित यह मैन्युफैक्चरिंग जोन 170 एकड़ की विशाल भूमि पर विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में शुरुआती तौर पर 2000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इस इकोसिस्टम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां टेलीकॉम उत्पादों की पूरी वैल्यू चेन एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगी। इसमें प्रोडक्ट डिजाइन, डेवलपमेंट, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, सर्टिफिकेशन और एक्सपोर्ट जैसी सभी सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे कंपनियों को अलग-अलग शहरों में भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह जोन 'प्लग एंड प्ले' मॉडल पर आधारित होगा, जिसका अर्थ है कि निवेशकों को बुनियादी ढांचा पहले से तैयार मिलेगा। इससे कंपनियां बिना किसी देरी के अपना उत्पादन कार्य शुरू कर सकेंगी। इस केंद्र में मुख्य रूप से 5G, 6G उपकरणों, ऑप्टिकल फाइबर, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) डिवाइस और सेमीकंडक्टर से जुड़े हार्डवेयर का निर्माण किया जाएगा। Add text below Add image below05Subheading Paragraph Heading Subheading Quoteरोजगार के नए अवसर और सरकारी प्रोत्साहन Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस परियोजना से रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होने की उम्मीद है। शुरुआती चरण में 4500 प्रत्यक्ष रोजगार मिलने का अनुमान है, जबकि भविष्य में यह आंकड़ा 8 से 9 हजार तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार इस परियोजना के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। वहीं, राज्य सरकार निवेशकों को आकर्षित करने के लिए स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत रिइम्बर्समेंट और रियायती दरों पर बिजली जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब मध्य प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम क्षेत्र में दक्षिण भारत के राज्यों के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार है। उन्होंने इसे प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर बताया है। Add text below Add image below08Subheading Paragraph Heading Subheading Quoteरणनीतिक महत्व और भविष्य की राह Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकेंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि निवेशकों को किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस प्रोजेक्ट की राह को सुगम बनाएंगे। ग्वालियर का चयन उसकी भौगोलिक स्थिति और दिल्ली-आगरा जैसे प्रमुख शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किया गया है, जो लॉजिस्टिक्स और एक्सपोर्ट के लिए बेहद अनुकूल है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह प्रोजेक्ट केवल उपकरणों के निर्माण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह क्षेत्र रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे उभरते उद्योगों के लिए भी एक आधार तैयार करेगा। पिछले डेढ़ साल की निरंतर मेहनत के बाद अब यह परियोजना धरातल पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है, जो मध्य प्रदेश को तकनीकी हब के रूप में नई पहचान दिलाएगी। Add text below Add image below