Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के शाही सिंधिया परिवार की अरबों की संपत्ति के बंटवारे को लेकर बना आपसी सहमति का समझौता फिर कानूनी पेंच में फंस गया है। त्रिपुरा राजघराने से जुड़ी प्रतिमा देवी ने दस्तावेजों पर धोखे से हस्ताक्षर कराने का गंभीर आरोप लगाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-ff9d0394
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के ऐतिहासिक सिंधिया राज परिवार की 41 हजार करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों के बंटवारे को लेकर तैयार हुआ राजीनामा प्रस्ताव एक बार फिर कानूनी अड़चनों में उलझ गया है। इस बहुचर्चित मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय (एडीजे) में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को समझौते को लेकर अहम बहस हुई। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिमा देवी ने लगाए गंभीर आरोप और कोर्ट में दी आपत्ति Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकेंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी और त्रिपुरा राजघराने से ताल्लुक रखने वाली प्रतिमा देवी राना ने अदालत में आपत्ति आवेदन दाखिल किया है। उनका आरोप है कि उनसे धोखे से समझौता प्रस्ताव पर हस्ताक्षर कराए गए हैं। इस मामले में कोर्ट अब 14 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगा कि मुकदमे में आगे साक्ष्य लिए जाएं या अंतरिम आवेदनों के आधार पर ही निर्णय किया जाए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमौसियों और ज्योतिरादित्य सिंधिया का पक्ष Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिमा देवी की आपत्ति का जवाब उनकी तीनों मौसियों—राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, मध्यप्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे और उषा राजे—ने अदालत में दाखिल किया है। उनका कहना है कि समझौते पर सभी पक्षों ने पूरी सहमति के साथ हस्ताक्षर किए थे। हस्ताक्षर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी ने साथ वक्त बिताया, डिनर किया और तस्वीरें भी खिंचवाई थीं। वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का भी यही कहना है कि दस्तावेजों पर हस्ताक्षर आपसी सहमति से ही हुए थे और अब दोबारा साक्ष्य कराने की कोई आवश्यकता नहीं है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quote78 साल पुराना 'द कोवेनेंट' दस्तावेज बना अहम आधार Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिला न्यायालय में चल रहे इस संपत्ति विवाद के निपटारे के लिए 78 साल पुराना विलय पत्र यानी 'द कोवेनेंट' सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज के रूप में सामने आया है। दिल्ली के नोटरी द्वारा सर्टिफाइड इस कॉपी को कोर्ट में पेश किया जा चुका है। इसमें मध्य भारत की रियासतों के विलय, निजी संपत्तियों और राजाओं को मिलने वाले टैक्स-फ्री प्रिवी पर्स का पूरा ब्योरा दर्ज है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमूल सिविल सूट में दिवंगत पद्मावती राजे की दोनों बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को पक्षकार बनाया गया था, लेकिन पूर्व में सुनवाई के दौरान अनुपस्थिति के कारण अदालत ने उन्हें एकपक्षीय (एक्स पार्टी) घोषित कर दिया था। अब प्रतिमा देवी के कानूनी रूप से सक्रिय होने और समझौते पर आपत्ति जताने के बाद यह पारिवारिक समझौता और अधिक पेचीदा हो गया है। Add text below Add image below