Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryनगर निगम प्रशासन शहर के सभी 444 नालों की सफाई के दावे कर रहा है, लेकिन मैदानी स्तर पर स्थिति बिल्कुल अलग है। कई इलाकों में नालों पर अवैध निर्माण और कचरे के ढेर होने से जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-faa19fda
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों के दावे और मैदानी हकीकत में भारी अंतर Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर के 66 वार्डों में बहने वाले 444 नालों को पूरी तरह साफ और अतिक्रमण मुक्त करने का दावा नगर निगम का स्वास्थ्य अमला कर रहा है। हालांकि, धरातल पर स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। कई प्रमुख नालों में आज भी भारी गंदगी जमा है और जल निकासी बाधित हो रही है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनालों पर अवैध निर्माण और आधे-अधूरे काम Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थिति यह है कि लोगों ने नालों के आसपास ही नहीं बल्कि उनके ऊपर तक पक्के मकानों का निर्माण कर लिया है। इस वजह से इन हिस्सों में सफाई करना असंभव हो गया है। इसके अलावा, जिन स्थानों पर निगम ने सफाई का कार्य कराया भी है, वहां जेसीबी से निकाली गई गाद और कचरे को नाले के किनारे ही छोड़ दिया गया है। बारिश के कारण यह कचरा वापस बहकर फिर से नालों में चला जाता है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निकाय के आंकड़ों के अनुसार, ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 217 नाले हैं क्योंकि यहां इनकी लंबाई ज्यादा है, जबकि ग्वालियर ग्रामीण क्षेत्र में सबसे कम 33 नाले आते हैं। समय पर कार्य पूरा न होने के कारण इनमें सिल्ट और कचरा भरा रहता है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकवर किए गए नालों से बढ़ी परेशानी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिगम आयुक्त संघ प्रिय द्वारा बारिश से पहले सफाई कार्यों पर विशेष जोर दिया गया था, लेकिन मैदानी अमले ने केवल पुल-पुलिया के आसपास औपचारिकता पूरी कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। इसी लापरवाही के कारण मामूली बारिश में भी शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर पूर्व और दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में कई प्राकृतिक नालों को आरसीसी स्लैब डालकर कवर कर दिया गया है, जिससे उनका दायरा काफी छोटा हो गया है। इन ढंके हुए नालों की न तो मशीनों से ठीक से सफाई हो पाती है और न ही कर्मचारी वहां तक पहुंच पाते हैं। सिटी सेंटर में पशु चिकित्सा विभाग के पास और ओफो की बगिया से लेकर चंद्रवदनी बड़े पुल तक ऐसे कई नाले हैं, जहां बारिश के दौरान बड़ा खतरा बना रहता है। Add text below Add image below