Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े एक मामले में पुलिस विभाग को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवाद में समझौते के बाद बरी हुए व्यक्ति को केवल पुराने आपराधिक मामलों के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-eb54cf69
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर स्थित मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए अनुकंपा नियुक्ति से संबंधित एक बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने यह स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति वैवाहिक या पारिवारिक विवाद से जुड़े आपराधिक मामले में समझौते के बाद अदालत से बरी हो जाता है, तो उसे केवल उन पुराने मुकदमों के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउच्च न्यायालय ने पुलिस विभाग द्वारा अनुकंपा नियुक्ति से इनकार करने वाले तीनों आदेशों को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही, याचिकाकर्ता राघवेंद्र तोमर को आरक्षक पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी कर नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया गया है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमामले की पृष्ठभूमि Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत की एकलपीठ द्वारा की गई। याचिकाकर्ता राघवेंद्र तोमर के पिता, राजकुमार सिंह तोमर, मध्य प्रदेश पुलिस में सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) के पद पर कार्यरत थे। सेवाकाल के दौरान उनके निधन के बाद, राघवेंद्र ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन प्रस्तुत किया था। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस विभाग ने राघवेंद्र का आवेदन यह कहते हुए अस्वीकृत कर दिया था कि उनके विरुद्ध दो आपराधिक प्रकरण दर्ज थे, जिसके कारण वे अनुकंपा नियुक्ति के लिए योग्य नहीं माने गए। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से यह बताया गया कि राघवेंद्र ने अपने आवेदन और चरित्र सत्यापन प्रपत्र में अपने विरुद्ध दर्ज दोनों आपराधिक मामलों की जानकारी शपथपत्र के माध्यम से स्वयं ही प्रदान की थी। उन्होंने किसी भी तथ्य को छिपाया नहीं था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबाद में, ये दोनों मामले पारिवारिक विवाद से संबंधित होने के कारण समझौते के आधार पर न्यायालय में समाप्त हो गए और राघवेंद्र दोनों ही प्रकरणों में बरी हो गए। इसके बावजूद, पुलिस विभाग ने अपने पूर्व के निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया और अनुकंपा नियुक्ति देने से लगातार इनकार करता रहा। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteउच्च न्यायालय की महत्वपूर्ण टिप्पणियाँ Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउच्च न्यायालय ने अपने फैसले में कहा कि जब दोनों आपराधिक मामले पारिवारिक विवाद से संबंधित थे और याचिकाकर्ता समझौते के बाद विधिवत रूप से बरी हो चुका है, तो केवल उन पुराने मामलों के आधार पर उसे सरकारी सेवा से वंचित करना उचित नहीं है। अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता ने अपने विरुद्ध दर्ज मामलों की जानकारी को छिपाया नहीं था, बल्कि स्वयं ही विभाग को इससे अवगत कराया था। इन परिस्थितियों को देखते हुए, पुलिस विभाग द्वारा नियुक्ति से इनकार करना न्यायसंगत नहीं था। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदो माह में नियुक्ति के निर्देश Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने पुलिस विभाग द्वारा जारी किए गए सभी संबंधित आदेशों को निरस्त करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राघवेंद्र तोमर को आरक्षक पद पर अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया दो महीने के भीतर पूरी की जाए और उन्हें नियुक्ति पत्र जारी किया जाए। Add text below Add image below