Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के सिंधिया राजपरिवार में दशकों से चला आ रहा संपत्ति विवाद आज एक बड़े समझौते के साथ समाप्त हो सकता है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की ओर से जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन प्रस्तुत किया गया है, जिसमें शाही विरासत के बंटवारे पर अंतिम सहमति बनने की उम्मीद है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-e9ef5d93
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसिंधिया राजपरिवार के संपत्ति विवाद पर आज (सोमवार, 20 जुलाई) ग्वालियर जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होने जा रही है। उम्मीद है कि इस सुनवाई में परिवार के बीच चल रहे अरबों रुपये की शाही विरासत के बंटवारे पर एक बड़ा समझौता हो सकता है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस संबंध में जिला न्यायालय में एक समझौता आवेदन प्रस्तुत किया है। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रस्तावित समझौते में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनकी बुआओं, जिनमें राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, और ऊषा राजे राणा शामिल हैं, के बीच संपत्ति के मालिकाना हक को लेकर अंतिम सहमति बनने की बात कही जा रही है। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइससे पहले, 8 जुलाई को भी समझौता आवेदन पर सुनवाई होनी थी, लेकिन संपत्तियों से जुड़े आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण सुनवाई टाल दी गई थी। आज की सुनवाई के बाद, दिल्ली, मुंबई, पुणे और ग्वालियर सहित विभिन्न अदालतों में वर्षों से लंबित एक दर्जन से अधिक मुकदमों का समाधान हो जाएगा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमझौते का संभावित मसौदा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आपसी सहमति में यह तय किया गया है कि 'जो पक्ष वर्तमान में जिस संपत्ति पर काबिज है, वही उसका पूर्ण मालिक माना जाएगा।' इस सिद्धांत के आधार पर, ग्वालियर का प्रसिद्ध जयविलास पैलेस और शिवपुरी की कई संपत्तियां केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के हिस्से में आ सकती हैं। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभले ही पूर्व के कागजात या रिकॉर्ड में किसी संपत्ति का मालिकाना हक किसी अन्य पक्ष, ट्रस्ट या कंपनी के अधीन रहा हो, लेकिन अब वर्तमान कब्जे को ही अंतिम मालिकाना हक मानकर न्यायालय में डिक्री (डीड) कराई जाएगी। इससे संपत्ति से जुड़ी कागजी उलझनें समाप्त हो जाएंगी। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteट्रस्ट और कंपनियों के अधीन संपत्तियां Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसिंधिया राजपरिवार की अधिकांश संपत्तियां सीधे किसी व्यक्ति के नाम पर न होकर 1970 के दशक से 'सर जयाजीराव ट्रस्ट' और 'कृष्ण माधव ट्रस्ट' जैसी संस्थाओं के अधीन हैं। दिल्ली में 'सिंधिया पॉटरीज' की जमीन पर बनी तीन आलीशान कोठियों में तीनों बुआएं (वसुंधरा, यशोधरा और ऊषा राजे) निवास करती हैं। माधवराव सिंधिया को मिली 'सिंधिया इंवेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड (SIPL)' की कमान वर्तमान में ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास है। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद के प्रमुख पक्ष Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिला न्यायालय में प्रस्तुत दावों के अनुसार, यह महा-समझौता मुख्य रूप से केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, वसुंधरा राजे सिंधिया, ऊषा राजे राणा, यशोधरा राजे सिंधिया, कनिका देवी, प्रतिमा देवी और चित्रांगदा राजे के बीच संपन्न होने जा रहा है। बुआओं की ओर से अगले सप्ताह न्यायालय में आवेदन दाखिल होने की संभावना है, जिसके बाद कोर्ट इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाएगा। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबताया जा रहा है कि संपत्ति से जुड़े सर्वाधिक मुकदमे मुंबई की अदालतों में लंबित हैं, जबकि ग्वालियर में भी पांच मामले चल रहे हैं, जिन्हें इस समझौते के बाद वापस ले लिया जाएगा। Add text below Add image below