Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर नगर निगम के विशेष सम्मेलन में जलभराव और जर्जर सड़कों के मुद्दों को लेकर जबरदस्त हंगामा हुआ। आक्रोशित पार्षदों ने बैठक का एजेंडा फाड़ दिया और आसंदी का घेराव किया, जिसके चलते कार्यवाही को तीन बार स्थगित करना पड़ा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-c5b78169
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर नगर निगम का विशेष सम्मेलन सोमवार को शहर के विकास कार्यों और बुनियादी समस्याओं पर चर्चा की बजाय भारी सियासी हंगामे का गवाह बना। बैठक के दौरान जलभराव और बदहाल सड़कों की स्थिति को लेकर पार्षदों का गुस्सा फूट पड़ा और सदन का माहौल गर्मा गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएजेंडा फाड़कर जताया विरोध, तीन बार स्थगित हुई कार्यवाही Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक के दौरान विरोध का सिलसिला तब शुरू हुआ जब पार्षद बृजेश श्रीवास और आशा चौहान ने निगम की कार्यप्रणाली से नाराज होकर बैठक का एजेंडा फाड़ दिया। इसके बाद अन्य भाजपा पार्षदों ने भी सभापति की आसंदी को घेर लिया और जमकर नारेबाजी की। सदन में मचे इस बवाल के कारण अधिकारियों और पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और बिगड़ते हालात को देखते हुए कार्यवाही को तीन बार रोकना पड़ा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन कर रहे पार्षदों का कड़ा आरोप था कि निगम की बैठकों में केवल खोखले निर्देश दिए जाते हैं, जिनका मैदानी स्तर पर कोई असर नजर नहीं आता। शहर के कई हिस्से जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं और मुख्य मार्ग गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। पार्षदों ने चेतावनी दी कि यदि इन समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो वे सदन में ही बोरी-बिस्तर के साथ धरने पर बैठ जाएंगे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहापौर का पलटवार और छह महीने से अटके दो बिंदु Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे घटनाक्रम पर महापौर डॉ. शोभा सिंह सिकरवार ने तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पार्षद सदन की कार्यवाही को सुनियोजित तरीके से बाधित करने का काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, निर्धारित एजेंडे पर सार्थक चर्चा करने के बजाय बेवजह के मुद्दे उछाले जाते हैं और प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबता दें कि इस विशेष सम्मेलन का एजेंडा पिछले छह महीनों से विवादों के घेरे में है। इस संबंध में पहली बैठक इसी साल 2 फरवरी को आहूत की गई थी, जिसमें कुल 10 बिंदुओं को शामिल किया गया था। इनमें से 8 बिंदुओं पर तो चर्चा पूरी हो चुकी है, लेकिन शेष दो महत्वपूर्ण बिंदु अब भी विवाद का कारण बने हुए हैं और महीनों बीत जाने के बाद भी इनका कोई समाधान नहीं निकल सका है। Add text below Add image below