Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरार निवासी एक युवक को इंटरनेट पर डॉक्टर का संपर्क नंबर ढूंढना भारी पड़ गया। शातिर ठगों ने मामूली फीस का झांसा देकर मालवेयर ऐप के जरिए मोबाइल को अपने कब्जे में लिया और खाते से दो लाख से अधिक रुपए साफ कर दिए।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-afc31ed9
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइंटरनेट सर्च के जरिए किसी डॉक्टर या अस्पताल की जानकारी हासिल करना कई बार खतरनाक साबित हो सकता है। ग्वालियर के मुरार इलाके में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां डॉक्टर का नंबर तलाश रहे युवक को साइबर अपराधियों ने अपना शिकार बना लिया और उसके बैंक खातों से बड़ी रकम पार कर दी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगूगल सर्च से शुरू हुई ठगी की पूरी वारदात Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह घटना गत 16 अक्टूबर 2026 की सुबह करीब 10:30 बजे की है। मुरार के आर्मी चौराहा, बड़ागांव रोड पर रहने वाले 33 वर्षीय आकाश यादव को डॉक्टर खोजेमा सैफी (थाटीपुर) से परामर्श लेना था। इसके लिए उन्होंने इंटरनेट पर डॉक्टर का संपर्क नंबर खोजा और वहां प्रदर्शित हुए नंबर 9395772450 पर संपर्क किया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकॉल करने पर उधर से निर्देश मिला कि डॉक्टर साहब का नंबर किसी अन्य नंबर से भेजा जाएगा। इसके तुरंत बाद मोबाइल नंबर 8638892450 से आकाश के फोन पर एक कॉल आया, जिसने उन्हें आगे की प्रक्रिया समझाई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपांच रुपए की रसीद के बहाने भेजी मालवेयर लिंक Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफोन करने वाले जालसाज ने बातचीत के दौरान बताया कि डॉक्टर के पास दिखाने के लिए मात्र पांच रुपए की रसीद कटवानी होगी। इसके लिए उसने व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर उसमें जरूरी विवरण भरने को कहा। पीड़ित ने जैसे ही प्रक्रिया पूरी कर पांच रुपए ट्रांसफर किए, ठग ने एक अन्य मोबाइल नंबर पर दोबारा पांच रुपए भेजने का दबाव बनाया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजैसे ही आकाश ने दूसरे नंबर पर भुगतान किया, उनके मोबाइल फोन की स्क्रीन पर ‘Update Installing’ का संदेश उभर आया और डिस्प्ले पूरी तरह ब्लैक होकर ब्लॉक हो गई। किसी अनहोनी से घबराकर पीड़ित ने तत्काल फोन से सिम कार्ड निकालकर डिवाइस बंद कर दिया। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनौ बार में खाते से साफ किए गए 2.57 लाख रुपए Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के लगभग एक घंटे बाद जब आकाश ने दोबारा सिम डालकर मोबाइल ऑन किया, तो उनके होश उड़ गए। बैंक खातों और विभिन्न फाइनेंस अकाउंट्स से धड़ाधड़ रुपए कटने के संदेश आ रहे थे। शातिर ठगों ने अलग-अलग माध्यमों से कुल 9 बार में उनके खाते से 2,57,991 रुपए उड़ा लिए थे। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ित आकाश यादव ने तुरंत साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराई। सीएसपी मनीष यादव ने जानकारी दी है कि पुलिस ने अज्ञात साइबर अपराधियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की तहकीकात शुरू कर दी गई है। Add text below Add image below