Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदेश के चर्चित सिंधिया राज परिवार की करोड़ों की संपत्ति के बंटवारे का समझौता एक बार फिर कानूनी पेंच में फंस गया है। मामले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत अन्य पक्षों की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किए गए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-aae8b075
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर अंचल के प्रतिष्ठित सिंधिया राजपरिवार की अकूत पैतृक संपत्ति के आपसी समझौते का मामला एक नया मोड़ ले चुका है। कोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान इस प्रकरण में उस वक्त पेचीदगी आ गई जब परिवार के दिग्गजों की तरफ से अदालत में लिखित जवाब पेश किए गए। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमझौते पर आई नई कानूनी अड़चन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायालय में इस बहुचर्चित संपत्ति विवाद के सिलसिले में सुनवाई की गई। इस प्रक्रिया में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे के जवाब विधिवत रूप से प्रस्तुत किए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने आगे की कार्यवाही के लिए 25 अगस्त 2026 की तारीख मुकर्रर की है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिमा देवी की आपत्ति और परिवार का रुख Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस विवाद की जड़ में दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी और त्रिपुरा राजघराने से ताल्लुक रखने वाली प्रतिमा देवी राना की वह आपत्ति है जो उन्होंने इस समझौते पर दर्ज कराई थी। मूल दावों में पक्षकार होने के बावजूद पूर्व में अनुपस्थिति के कारण उन्हें एकपक्षीय घोषित कर दिया गया था, लेकिन समझौते की बात आगे बढ़ने पर उन्होंने अपने हक के लिए कोर्ट का रुख किया। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को हुई पेशी के दौरान प्रतिमा देवी की तरफ से उनकी बेटी शिवांगी अपने पति के साथ ग्वालियर अदालत में मौजूद थीं। वहीं, वसुंधरा राजे और यशोधरा राजे की तरफ से दाखिल किए गए जवाब में यह तर्क दिया गया है कि जब पहले पक्ष द्वारा समझौते पर सहमति दे दी गई थी, तो अब इस तरह की आपत्ति उठाने का कोई औचित्य नहीं बनता है। जवाब में यहां तक कहा गया है कि इस प्रकार की आपत्तियों के चलते उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार होना चाहिए। Add text below Add image below