Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसिंधिया राजपरिवार की करोड़ों की संपत्ति के बंटवारे के मामले में कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी का आवेदन स्वीकार कर उनके दावे को मुख्य सुनवाई में जोड़ लिया गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-82e01f93
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के ऐतिहासिक सिंधिया राजपरिवार की अनुमानित 41 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रहे कानूनी विवाद में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। स्थानीय जिला न्यायालय ने इस बहुचर्चित मामले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ प्रतिमा देवी के आवेदन को मंजूर कर लिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिमा देवी ने मांगा संपत्ति में हिस्सा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत के इस निर्णय के बाद अब संपत्ति पर उनके दावे को भी मुख्य सुनवाई का हिस्सा बना लिया गया है। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया के तहत यह आदेश सीधे तौर पर संपत्ति में हिस्सा मिलने का फैसला नहीं है, बल्कि अब उन्हें अपने दावों और तर्कों को अदालत के समक्ष रखने का कानूनी अवसर प्राप्त होगा। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले की सुनवाई के दौरान गुरुवार को प्रतिमा देवी की तरफ से उनके दामाद प्रतीक कारकी अदालत में पेश हुए और उनका पक्ष रखा। उनका तर्क है कि उनकी मां पद्माराजे सिंधिया राजपरिवार की पुत्री थीं, और इसी पारिवारिक उत्तराधिकार के अधिकार के तहत उन्होंने इस संपत्ति में बराबर की हिस्सेदारी की मांग उठाई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवसीयत और नोटिस प्रक्रिया पर उठाए गए सवाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान प्रतिमा देवी की ओर से पूर्व में वसीयत तथा अन्य जरूरी दस्तावेजों की जानकारी न मिलने पर कड़ी आपत्ति जताई गई थी। उनका कहना था कि उन्हें इस प्रक्रिया से जुड़े अहम कागजात मुहैया नहीं कराए गए, जिससे स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके साथ ही उन्होंने अदालत द्वारा भेजे गए नोटिस की तामील प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए। प्रतिमा देवी वर्तमान में काठमांडू में निवास करती हैं, जबकि उनके अनुसार कुछ नोटिस नेपालगंज के पते पर भेजे गए थे, जिसके कारण उन्हें समय पर मामले की पूरी सूचना नहीं मिल पाई। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरे पक्ष ने रखा अपना पक्ष और अगली तारीख Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रतिमा देवी की इन आपत्तियों के जवाब में दूसरे पक्ष ने भी अपनी दलीलें पेश की हैं। दूसरे पक्ष का दावा है कि इस पूरे समझौते में उनकी सहमति पहले ही शामिल रही है और संबंधित कागजातों पर उनके हस्ताक्षर भी मौजूद हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत में अब इन सभी बिंदुओं और दस्तावेजों को लेकर दोनों पक्षों के वकीलों के बीच कानूनी बहस होगी। इस मामले की अगली सुनवाई आगामी 7 अक्टूबर को निर्धारित की गई है, जिस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। Add text below Add image below