Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर नगर निगम परिषद के विशेष सम्मेलन में विकास कार्यों और कार्यप्रणाली को लेकर अफसरों और जनप्रतिनिधियों में तीखी नोकझोंक हुई। आयुक्त ने पार्षदों पर मनचाहे काम कराने का आरोप लगाया, जिस पर भाजपा पार्षद ने कड़ी आपत्ति जताई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-67bd6021
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेष सम्मेलन के दौरान हुआ गतिरोध Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर नगर निगम परिषद के हालिया विशेष सम्मेलन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच एक बार फिर खींचतान सामने आई है। बैठक के दौरान चर्चा के बीच ही माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब निगम आयुक्त संघ प्रिय और पार्षदों के बीच कार्यप्रणाली को लेकर तीखी बहस छिड़ गई। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआयुक्त की सफाई और कार्यशैली पर सवाल Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसदन से अचानक जाने के मामले में सफाई देते हुए आयुक्त संघ प्रिय ने स्पष्ट किया कि उन्हें उच्च न्यायालय से एक जरूरी बुलावा आया था, जिसके कारण उन्हें सदन की कार्यवाही बीच में छोड़कर जाना पड़ा था। उन्होंने सदन के किसी भी प्रकार के अपमान से इंकार किया। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके साथ ही उन्होंने कुछ पार्षदों के काम कराने के तरीकों पर सवाल खड़े किए। आयुक्त का कहना था कि कई बार अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है और जब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की बात होती है, तो कुछ जनप्रतिनिधि उस कार्रवाई को रुकवाने के लिए पहुंच जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ पार्षद नियमों के विपरीत अपनी पसंद के कार्य करवाना चाहते हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभाजपा पार्षद मोहित जाट का पलटवार Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयुक्त के इन बयानों के बाद बैठक में मौजूद भाजपा पार्षद मोहित जाट ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। पार्षद ने स्पष्ट किया कि वे जिस मामले में कार्रवाई रोकने पहुंचे थे, वह प्रशासनिक दृष्टिकोण से उचित नहीं था और उनके वहां जाने के पीछे कोई निजी स्वार्थ नहीं था। उन्होंने आयुक्त के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि केवल अपने वार्ड की जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए अधिकारियों के समक्ष बात रखते हैं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसत्र का समापन और सभापति की प्रतिक्रिया Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गर्मागर्म बहस के बीच सभापति मनोज सिंह तोमर ने स्थिति को संभालते हुए किसी बड़े विवाद की संभावना से इंकार किया। उन्होंने बताया कि बैठक का निर्धारित एजेंडा पूरी तरह से पूरा कर लिया गया था। शहर के विकास कार्यों और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा के लिए बुलाया गया यह विशेष सम्मेलन अंततः अधिकारियों और पार्षदों के आपसी मतभेदों के साये में संपन्न हुआ। Add text below Add image below