Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के मुरार जिला अस्पताल में एक महीने से जनरेटर खराब होने के कारण पांच घंटे बिजली गुल रहने पर एक्स-रे और ऑपरेशन प्रभावित हुए। ब्लड बैंक का तापमान बढ़ने से भी चिंता की स्थिति बन गई थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-642f3302
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के मुरार जिला अस्पताल में बिजली गुल होने और वैकल्पिक व्यवस्था न होने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। अस्पताल में पिछले एक महीने से बड़ा जनरेटर खराब पड़ा है, जिसके चलते बिजली कटने पर मरीजों और परिजनों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपांच घंटे बिजली गुल रहने से रुकी एक्स-रे जांच Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में शनिवार को सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लगभग पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही। मुख्य जनरेटर के काम न करने के कारण अस्पताल परिसर में वैकल्पिक बिजली का कोई इंतजाम नहीं हो सका। इस दौरान एक्स-रे जांच पूरी तरह बंद रही और मरीजों को मोबाइल टॉर्च की रोशनी में जांच व उपचार कराने को मजबूर होना पड़ा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनेत्र विभाग के छह ऑपरेशन टले और ब्लड बैंक पर मंडराया संकट Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविद्युत आपूर्ति बाधित होने का सबसे बुरा असर नेत्र विभाग पर पड़ा, जहां पहले से तय छह नेत्र ऑपरेशन टालने पड़े। इसके अलावा ब्लड बैंक में रखे करीब 250 यूनिट रक्त को लेकर भी चिंता बढ़ गई थी। बिजली जाने से स्टोरेज फ्रिज का तापमान बढ़ने लगा था, हालांकि समय रहते बिजली बहाल होने से रक्त खराब होने से बच गया। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच में सामने आया कि जनरेटर की सर्विस कराने के बाद एजेंसी का करीब 50 हजार रुपए का पुराना भुगतान बकाया है। एजेंसी द्वारा भुगतान मिलने तक काम करने से इनकार करने के कारण जनरेटर की मरम्मत का कार्य अटका हुआ है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रबंधन अब छोटे जनरेटरों के सहारे चला रहा है व्यवस्था Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल प्रबंधन अब इस बड़े जनरेटर को संबंधित एजेंसी के माध्यम से यहां से हटवाने की प्रक्रिया में जुटा है ताकि आगे का कोटेशन तैयार किया जा सके। सिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल ने इस संबंध में बताया कि एजेंसी से चर्चा हो चुकी है और जनरेटर को जल्द ही यहां से शिफ्ट किया जाएगा। Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteसिविल सर्जन डॉ. सीमा जायसवाल ने बताया, “जो हमारा बड़ा जनरेटर है, जिस एजेंसी के द्वारा लगाया गया था, उनसे बात चल रही है। पूरा जनरेटर यहां से उठकर जाएगा। उसके बाद उसकी कोटेशन तैयार की जाएगी। उसमें एक बड़ा काम आ गया है। इसलिए हमारे पास जितने भी छोटे जनरेटर हैं, जिसमें चार-पांच जनरेटर चालू हैं और दो-तीन सही करवाए जा रहे हैं, उन्हें हर यूनिट में अलग-अलग प्रयोग किया जाएगा। मेरी बात हो चुकी है, जल्दी ही जनरेटर को यहां से शिफ्ट कर दिया जाएगा।” Add text below Add image below