Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत देहरादून से ढाई साल का युवा बाघ मिलने वाला है। इस नई ब्लडलाइन के आने से चिड़ियाघर में आनुवंशिक विविधता और वंश वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-5dae7670
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के स्थानीय दर्शकों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। शहर के गांधी प्राणी उद्यान में जल्द ही एक नया रॉयल बंगाल टाइगर अपनी धमक दिखाने पहुंचेगा। इस सिलसिले में देहरादून से ढाई साल के युवा बाघ को एनिमल एक्सचेंज प्रोग्राम के जरिए ग्वालियर लाए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतल्लैयापुर से देहरादून भेजा जाएगा बाघ Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस तयशुदा पशु आदान-प्रदान कार्यक्रम के अंतर्गत, ग्वालियर के तल्लैयापुर क्षेत्र से एक बाघ को देहरादून चिड़ियाघर भेजा जाएगा। इसके बदले में वहां से इस युवा रॉयल बंगाल टाइगर को ग्वालियर के लिए रवाना किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक कार्य पूरे हो चुके हैं, और अब केवल अंतिम औपचारिकता के रूप में लिखित पत्र का इंतजार किया जा रहा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवंश वृद्धि और जेनेटिक विविधता पर जोर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचिड़ियाघर के प्रबंधन से मिली जानकारी के मुताबिक, वर्तमान समय में गांधी प्राणी उद्यान परिसर में लगभग 10 बाघ मौजूद हैं। हालांकि, इनमें से कुछ मादा बाघिनों की उम्र 13 से 14 वर्ष तक हो चली है। भविष्य में बाघों की स्वस्थ संतति और नई पीढ़ी को तैयार करने के लिहाज से किसी अन्य और नई ब्लडलाइन के बाघ को शामिल करना बेहद जरूरी हो गया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीमित दायरे में प्रजनन के जोखिम से बचाव Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदेहरादून से आने वाला यह नया बाघ यहां के मौजूदा बाड़े के अन्य बाघों के साथ प्रजनन प्रक्रिया में हिस्सा लेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे जेनेटिक विविधता बढ़ेगी और पुरानी ब्लडलाइन से होने वाले जोखिमों को टाला जा सकेगा। जंगलों में बाघों का प्राकृतिक आदान-प्रदान स्वतः होता रहता है, लेकिन चिड़ियाघरों के सीमित परिवेश में आनुवंशिक संतुलन बनाए रखने के लिए इस तरह के एनिमल एक्सचेंज बेहद जरूरी माने जाते हैं। Add text below Add image below