Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर जिले के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर वाहन चालकों को हवा, पीने का पानी और शौचालय जैसी अनिवार्य सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। तेल कंपनियों के अधिकारी निरीक्षण के नाम पर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं, जिससे आम जनता को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-46fc475a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर में वाहन चालकों को अपनी गाड़ियों में ईंधन डलवाने के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। शहर के विभिन्न हिस्सों में संचालित पेट्रोल पंपों पर हवा भरवाने, पीने के शुद्ध पानी और साफ-सुथरे शौचालयों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशहर में हैं दो सौ से अधिक पेट्रोल पंप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिले में हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, जियो और नायरा कंपनियों के दो सौ से अधिक पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने वर्ष 2021 से 2024 के बीच 37 नए पंप भी खोले हैं, लेकिन इसके बावजूद उपभोक्ताओं को मिलने वाली सुविधाओं में कोई सुधार देखने को नहीं मिला है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतेल कंपनियों की गाइडलाइंस का उल्लंघन Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभिन्न तेल कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों और कार्यालयों को पेट्रोल पंपों का नियमित निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। मार्केटिंग डिसिप्लिन गाइडलाइंस (एमडीजी) के प्रावधानों के तहत हवा, टेलीफोन, प्राथमिक उपचार और पेयजल जैसी सुविधाएं अनिवार्य हैं। शौचालय गंदा पाए जाने, पानी न मिलने या ग्राहकों को उनका उपयोग न करने देने पर कार्रवाई का नियम है, लेकिन मैदानी स्तर पर इनका पालन नहीं हो रहा है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल यह है कि तेल कंपनियों के अधिकारी खुद मौके पर जाकर जांच करने के बजाय पंप संचालकों से ही फोटो मंगवाकर औपचारिकता पूरी कर लेते हैं। यही वजह है कि पंपों पर सुविधाएं केवल कागजों तक ही सीमित रह गई हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलश्कर क्षेत्र में दो प्रमुख पंप बंद होने से बढ़ी मुश्किलें Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय स्तर पर लश्कर क्षेत्र के दो प्रमुख पेट्रोल पंप बंद होने से भी वाहन चालकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। इनमें से शिंदे की छावनी स्थित पेट्रोल पंप एक अग्निकांड के बाद से बंद है, जबकि सनातन धर्म मंदिर के पास स्थित पेट्रोल पंप आपसी विवाद के चलते बंद चल रहा है। इन दोनों महत्वपूर्ण पंपों के बंद रहने से वाहन चालकों को ईंधन और अन्य जरूरतों के लिए लंबा चक्कर काटकर दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है। Add text below Add image below