Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने राजस्व विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान कम वसूली पर नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही बरतने वाले तीन कर संग्रहकों और एक लिपिक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-3ef5d8f1
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को राजस्व विभाग के कामकाज की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। निगम आयुक्त संघ प्रिय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक का मुख्य एजेंडा शहर में टैक्स वसूली की रफ्तार को तेज करना और आय के नए स्रोत तलाशना था। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटैक्स कलेक्शन में सुस्ती पर फूटा गुस्सा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमीक्षा के दौरान जब वित्तीय आंकड़ों पर चर्चा हुई, तो कर संग्रहक जसवंत कुशवाहा द्वारा की जा रही वसूली बेहद कम पाई गई। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए निगमायुक्त ने संबंधित कर संग्रहक समेत तीन कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबैठक में जानकारी दी गई कि नगर निगम को इस बार अब तक कुल 4 करोड़ 70 लाख रुपए का राजस्व मिल चुका है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के मुकाबले ज्यादा है। हालांकि, व्यावसायिक संपत्तियों के किराये के मोर्चे पर स्थिति कमजोर रही है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिराये की वसूली और लीज नवीनीकरण में देरी पर कार्रवाई Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनोडल अधिकारी अनूप लिटोरिया ने बताया कि निगम की दुकानों, पीढ़ियों और चबूतरों के किराये के मद में पहली तिमाही के दौरान केवल 1 करोड़ 18 लाख रुपए की आय हुई है। पिछले साल इसी अवधि में इसी मद से लगभग 5 करोड़ रुपए की आमदनी हुई थी। इस भारी गिरावट को देखते हुए आयुक्त ने अधिकारियों को तुरंत रिकवरी बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा, संपत्तियों के लीज नवीनीकरण के मामलों में अनावश्यक देरी और पेंडेंसी पर भी निगम प्रशासन का डंडा चला है। इस कार्य में लापरवाही बरतने के लिए लिपिक ललित खटके को भी कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखाली संपत्तियों का उपयोग और पार्किंग व्यवस्था की समीक्षा Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनिगम की खाली पड़ी संपत्तियों के कमर्शियल इस्तेमाल को लेकर भी बैठक में मंथन किया गया। आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को इन संपत्तियों का पूरा ब्योरा जुटाकर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है, जिससे उनके बेहतर सदुपयोग की रूपरेखा तैयार की जा सके। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर की यातायात व्यवस्था और पार्किंग को सुधारने के लिए वर्तमान स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि निगम द्वारा चिन्हित कुल 31 पार्किंग स्थलों में से फिलहाल 7 ठेके पर संचालित हैं जबकि 8 का संचालन खुद निगम कर रहा है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि जो पार्किंग स्थल उपयोग में नहीं हैं, उन्हें डिनोटिफाई किया जाए और जिन नए इलाकों में पार्किंग की जरूरत है, वहां के लिए प्रस्ताव बनाकर जल्द प्रस्तुत किया जाए। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में एमआईसी सदस्य प्रेमलता धर्मेंद्र जैन, अपर आयुक्त प्रदीप सिंह तोमर, उपायुक्त सुनील चौहान सहित निगम के अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। Add text below Add image below