Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर जिले के बिलौआ इलाके में चल रहे अवैध खनन पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने चेतावनी दी है कि अवैध परिवहन मिलने पर कलेक्टर जिम्मेदार होंगी और खनिज अधिकारी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-395f8e80
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिले के बिलौआ क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के मामले में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन और खनिज विभाग के कामकाज पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रतिबंधित या वैकल्पिक मार्गों से खनिज का अवैध परिवहन जारी रहता है, तो इसकी पूरी जवाबदेही ग्वालियर कलेक्टर की होगी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रभारी खनिज अधिकारी को जेल भेजने की चेतावनी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने सुनवाई के दौरान कहा है कि यदि प्रभारी खनिज अधिकारी घनश्याम यादव पर लगे आरोप सही साबित होते हैं, तो उनके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उठे गंभीर सवाल Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरा मामला जस्टिस जी.एस. अहलुवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की डबल बेंच के समक्ष जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिकाकर्ता अकरम खान के वकील अनिल मिश्रा ने अदालत को बताया कि 579 करोड़ रुपये का बकाया होने के कारण बंद की गईं 16 खदानों के संचालक अशोक सिंह यादव, अपनी दो अन्य स्वीकृत खदानों की आड़ में प्रतिबंधित क्षेत्र से अवैध उत्खनन करवा रहे हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि खनिज अधिकारी नियमों को ताक पर रखकर अवैध रॉयल्टी पर्चियां दे रहे हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीसीटीवी फुटेज और लीज फाइलें तलब Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थिति की गंभीरता को भांपते हुए हाईकोर्ट ने बिलौआ टोल प्लाजा के पिछले एक महीने के सीसीटीवी फुटेज और भोपाल से मंगाई गई संबंधित फाइलों को अतिरिक्त महाधिवक्ता विवेक खेडकर की सुरक्षित कस्टडी में रखने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, कुल 83 खदानों की लीज से जुड़ी फाइलें भी कोर्ट ने तलब की हैं। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने प्रभारी खनिज अधिकारी को यह निर्देश भी दिए हैं कि वे अशोक सिंह यादव की तीनों खदानों से बीते दो महीनों में हुए कुल उत्पादन का रिकॉर्ड शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करें। साथ ही यह हलफनामा देने को कहा गया है कि माइनिंग सेक्शन में इससे जुड़ा कोई अन्य दस्तावेज नहीं छिपाया गया है। तथ्य छिपाने की स्थिति में अवमानना कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को मौके का मुआयना कर तत्काल रिपोर्ट सौंपने को कहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि खदानों के ट्रकों को टोल और कैमरों से बचाने के लिए किसी अवैध या वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है। Add text below Add image below