Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के प्रसिद्ध अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास का प्रबंधन जिला न्यायालय के निर्देश पर प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया है। रविवार शाम को प्रशासनिक अधिकारियों ने मंदिर कार्यालय पहुंचकर दस्तावेज जब्त किए और दानपेटियों को सील कर दिया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-2d7ba0a4
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के बहुचर्चित और आस्था के बड़े केंद्र अचलेश्वर महादेव सार्वजनिक न्यास की व्यवस्थाओं को लेकर चल रहा विवाद रविवार को एक निर्णायक मोड़ पर आ गया। जिला अदालत के कड़े निर्देशों और आदेशों के पालन में रविवार शाम को जिला प्रशासन ने मंदिर की पूरी व्यवस्था का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक अमले ने संभाला मोर्चा और सील की दानपेटियां Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय के फैसले के तुरंत बाद प्रशासनिक टीम ने अचलेश्वर मंदिर परिसर स्थित ट्रस्ट कार्यालय पहुंचकर वित्तीय नियंत्रण और प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाल ली। यह कार्रवाई शाम छह बजे से साढ़े आठ बजे के बीच अंजाम दी गई। इस दौरान अधिकारियों ने मंदिर की सभी दानपेटियों को मौके पर ही सील कर दिया ताकि चढ़ावा राशि की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व एसडीएम विनोद प्रसाद, एसडीएम अतुल सिंह और तहसीलदार सीसी रॉबिन जैन ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने मंदिर के आय-व्यय के बही-खाते, बैंक खातों के विवरण, तमाम परिसंपत्तियों और प्रबंधन से जुड़े मूल दस्तावेजों को अपने कब्जे में ले लिया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवित्तीय पारदर्शिता के लिए लिया गया नियंत्रण Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक कब्जे के बाद अब किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति या पूर्व न्यासी के लिए मंदिर की दानपेटी खोलना संभव नहीं होगा। अब निर्धारित नियमों और प्रशासनिक निगरानी में ही दानपेटियां खोली जाएंगी और उनसे प्राप्त होने वाली राशि सीधे ट्रस्ट के बैंक खातों में जमा की जाएगी। मंदिर के खातों का संचालन भी अब प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में होगा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के पंद्रह जून 2022 के आदेश के तहत पिछली व्यवस्थाओं को रद्द करते हुए सत्ताईस नवंबर 2021 के आदेश को दोबारा प्रभावी माना गया है। यह अंतरिम कदम मंदिर संचालन में निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उठाया गया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअठारह अगस्त को होगी अगली सुनवाई और जल्द होंगे चुनाव Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय ने न्यास के सदस्यों की वैध सूची और सभी मूल रिकॉर्ड पंद्रह दिनों के भीतर कोर्ट और पक्षों के सामने पेश करने का निर्देश दिया है। इसका मुख्य उद्देश्य अचलेश्वर महादेव ट्रस्ट के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराना है। मामले की अगली सुनवाई अब अठारह अगस्त को तय की गई है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम सी.बी प्रसाद ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई माननीय न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए की गई है। ट्रस्ट के वित्तीय दस्तावेज और बैंक विवरण जब्त कर लिए गए हैं तथा दानपेटियां सील कर दी गई हैं। अदालत के अगले दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे की चुनावी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। Add text below Add image below