Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने राज्य में गुमशुदा लड़कियों और इंसानों की बरामदगी में पुलिस के ढीले रवैये पर गहरी नाराजगी जताई है। कोर्ट ने भिंड एसपी को निर्देश दिए हैं कि वे जांच अधिकारी को तत्काल हटाकर मामले की कमान एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपें।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-2a0a07e5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने प्रदेश में लापता हो रही लड़कियों और गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी के मामले में पुलिस के उदासीन रवैये पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। न्यायालय ने कहा कि पुलिस इन मामलों को बहुत हल्के में ले रही है और जांच का जिम्मा ऐसे अधिकारियों को सौंपा जा रहा है, जिन्हें आधुनिक या प्रभावी जांच का कोई ज्ञान नहीं है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteभिंड के मामले में हाईकोर्ट का सख्त रुख Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह मामला भिंड जिले के आलमपुर थाने से जुड़ा है, जहां एक पिता ने अपनी लापता बेटी की बरामदगी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की डबल बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही थी। जब कोर्ट ने लड़की की तलाश के लिए किए गए प्रयासों के बारे में पूछा, तो आलमपुर थाने के एएसआई ओंकार सिंह तोमर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएएसआई ने अदालत को बताया कि उन्होंने लड़की का इंस्टाग्राम और फेसबुक खंगाला है, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उन्होंने यह भी कहा कि संदिग्ध को गांव में ही देखा गया था। इस जवाब पर कोर्ट ने गहरी आपत्ति जताई और कहा कि क्या पुलिस की जांच अब केवल सोशल मीडिया खंगालने तक ही सीमित रह गई है? Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजांच अधिकारी बदलने और एसपी से मांगा जवाब Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकोर्ट ने एएसआई के जवाब को गैर-जिम्मेदाराना मानते हुए कहा कि जांच अधिकारी जांच करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। न्यायालय ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भिंड के एसपी को निर्देश दिया है कि वे वर्तमान जांच अधिकारी को तत्काल प्रभाव से हटा दें और मामले की जांच की कमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के एक वरिष्ठ अधिकारी को सौंपें। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइतना ही नहीं, हाईकोर्ट ने भिंड पुलिस अधीक्षक को भी आड़े हाथों लिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि एसपी स्वयं भी जांच अधिकारियों की क्षमता को परखे बिना लापरवाही से मामले सौंप रहे हैं। अदालत ने भिंड एसपी से अगली सुनवाई तक व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है और तीन बिंदुओं पर जवाब तलब किया है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय ने स्पष्ट किया है कि लापता व्यक्तियों, विशेषकर लड़कियों के मामलों में पुलिस को अधिक गंभीरता और तत्परता से काम करना होगा। इस मामले में कोर्ट के सख्त निर्देशों से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। Add text below Add image below