Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने ग्वालियर शहर की खराब सड़कों को लेकर नगर निगम के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने निर्माण कार्यों पर खर्च हुई राशि और मेज़रमेंट बुक्स के मूल दस्तावेज तलब किए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-10d49c2f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर की खस्ताहाल सड़कों और गड्ढों से भरी पटरियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं और अदालत के समक्ष पेश किए गए ब्योरे को लेकर तीखी आपत्ति दर्ज की है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआधी से ज्यादा सड़कें चलने योग्य नहीं Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयाचिकाकर्ता कैलाश चंद्र अग्रवाल द्वारा चेतकपुरी की बदहाल सड़क के संबंध में यह मामला उठाया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य सामने आया कि शहर की कुल 129 प्रमुख सड़कों में से केवल 62 ही यातायात के लिहाज से ठीक स्थिति में हैं, जबकि बाकी सड़कों की हालत काफी खराब है। इस रिपोर्ट के बाद बेंच ने नगर निगम के वकील से पिछले पांच वर्षों में सड़क निर्माण पर खर्च हुए कुल बजट का पूरा विवरण मांगा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञ टीम करेगी सड़कों की सैंपलिंग और खुदाई Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़कों की निर्माण गुणवत्ता की जमीनी हकीकत जांचने के लिए हाईकोर्ट ने एक एडवोकेट कमिश्नर और तकनीकी विशेषज्ञों की स्वतंत्र टीम गठित करने का निर्णय लिया है। यह टीम सड़कों की खुदाई करके वैज्ञानिक परीक्षण करेगी कि निर्माण में तय मानकों का पालन हुआ था या नहीं। प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह भी निर्देश दिए गए हैं कि इस जांच के दौरान नगर निगम का कोई भी अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहेगा, केवल निगम के अधिकृत अधिवक्ता को ही वहां रहने की अनुमति होगी। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान निगम के अधीक्षण यंत्री सुरेश अहिरवार ने शपथ पत्र के जरिए स्पष्ट किया कि बहोड़ापुरा से सागरताल मुख्य मार्ग पर सीवर लाइन डालने और कई स्थानों पर एलिवेटेड रोड के निर्माण कार्य के कारण मार्गों की स्थिति प्रभावित हुई है। हालांकि, अदालत ने इन दलीलों के बीच निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही पर अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपूर्व अधिकारी के आपराधिक प्रकरण की कॉपी भी मांगी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालयीन कार्रवाई के दौरान पूर्व सिटी प्लानर प्रदीप वर्मा के रिश्वत मामले से जुड़ा बिंदु भी उठाया गया। अदालत को बताया गया कि वे पहले भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े जा चुके हैं और उनका आपराधिक प्रकरण विचाराधीन है। इस पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे की प्रमाणित प्रति भी रिकॉर्ड पर पेश करने के निर्देश दिए हैं। Add text below Add image below