Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर अंचल में सड़कों के निर्माण में भारी लापरवाही सामने आई है। हाईकोर्ट द्वारा गठित कमीशन की जांच में एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी के कई सड़क मार्ग घटिया गुणवत्ता के पाए गए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-07d7df54
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में सड़कों के निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला एक बार फिर तूल पकड़ गया है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में न्यायमूर्ति जी एस अहलूवालिया और न्यायमूर्ति अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने लोक निर्माण विभाग और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजांच रिपोर्ट में नेशनल हाईवे और पीडब्ल्यूडी के सैंपल फेल Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत के निर्देश पर गठित कमीशन ने हाल ही में अपनी जांच रिपोर्ट सौंपी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, मेहरा टोल से सिकरौदा चौराहा तक बनी एनएचएआई की सड़क और एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री तक के पीडब्ल्यूडी मार्ग के अधिकांश सैंपल गुणवत्ता के तय मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं और पूरी तरह फेल हो गए हैं। इस मामले में अगली सुनवाई आगामी 5 अक्टूबर को तय की गई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएनएचएआई के स्तर पर बड़ी लापरवाही उजागर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकमीशन की रिपोर्ट से एनएचएआई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। नेटवर्क सर्वे व्हीकल की अंतरिम जांच में भी मार्ग तय मापदंडों के विपरीत पाया गया। इसके अलावा, सड़क सुरक्षा और गुणवत्ता जांच से जुड़ा हर छह महीने में होने वाला अनिवार्य एनएसवी सर्वे भी प्राधिकरण द्वारा समय पर नहीं कराया गया और न ही अदालत में इससे जुड़े कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सके। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आने वाले एजी ऑफिस से विक्की फैक्ट्री मार्ग की स्थिति भी बेहद दयनीय मिली है। चेतकपुरी क्षेत्र में सड़क धंसने के मामलों को भी कोर्ट ने गंभीरता से लिया है। अदालत ने दोनों विभागों के वकीलों को रिपोर्ट की प्रतियां देते हुए इस पर अपना जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहाइवे किनारे संचालित शराब दुकान पर भी कड़ा रुख Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान अदालत के संज्ञान में यह बात भी लाई गई कि सिकरौदा चौराहे पर राष्ट्रीय राजमार्ग के बिल्कुल समीप नियमों को ताक पर रखकर एक शराब की दुकान चलाई जा रही है। नियमानुसार ऐसी दुकानें हाइवे से निर्धारित दूरी पर होनी चाहिए। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के वकील को एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट जवाब देने को कहा है कि इतनी कम दूरी पर लाइसेंस कैसे जारी किया गया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकमीशन की तरफ से यह भी जानकारी दी गई कि ठेकेदार को एन्युटी का अगला भुगतान 6 अक्टूबर 2026 को होना है। इसे देखते हुए अदालत ने 5 अक्टूबर को अगली सुनवाई तय की है, ताकि घटिया निर्माण कार्य करने वाली एजेंसियों के भुगतानों पर समय रहते उचित निर्णय लिया जा सके। Add text below Add image below