Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल क्षेत्र की 83 खदानों के लीज रिन्युअल मामले में हाईकोर्ट ने गंभीर रुख अपनाया है। कोर्ट ने खदानों की मैपिंग और सीमांकन के रिकॉर्ड तलब किए हैं, साथ ही अवैध खनन पर नाराजगी जताई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-83-6ec1ce7f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्यप्रदेश के ग्वालियर में बिलौआ और रफादपुर क्षेत्र की खदानों में हो रहे अवैध खनन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। शुक्रवार को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने इस मामले की सुनवाई करते हुए 83 खदानों से संबंधित रिकॉर्ड तलब किया है। इनमें से 57 खदानें वर्तमान में संचालित हैं, जिन पर अब कानूनी संकट मंडराने लगा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलीज कहीं, खनन कहीं और: हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान, हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एक खदान की लीज रिन्युअल फाइल की जांच की। इस जांच में पाया गया कि फाइल में न तो खदान की मैपिंग का कोई रिकॉर्ड था और न ही उसके सीमांकन का कोई उल्लेख था। इससे यह स्पष्ट हुआ कि खदानों को आवंटित पट्टे कहीं और के थे, जबकि खनन कहीं और किया जा रहा था। इस गंभीर अनियमितता पर कोर्ट ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि भोपाल मुख्यालय में लंबित फाइलों को भी अगली सुनवाई पर अदालत में पेश किया जाए। याचिकाकर्ता वकील अकरम खान द्वारा दायर एक याचिका पर यह महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quote16 खदानों पर रोक, संचालकों को नोटिस जारी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइससे पहले, हाईकोर्ट के आदेश पर खनिज विभाग ने 16 खदानों का रिकॉर्ड पेश किया था। इस रिकॉर्ड में कई चौंकाने वाली खामियां और संदिग्ध दस्तावेज सामने आए थे। बिना मैपिंग और नियमों के उल्लंघन के चल रहे इन कार्यों को देखते हुए, हाईकोर्ट ने इन 16 खदानों के संचालकों को सीधे मामले में पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया है और उनसे इस अनियमितता पर जवाब मांगा है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quote9 साल से अटकी फाइलों पर प्रशासनिक सुस्ती Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान प्रशासनिक सुस्ती और भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का एक और मामला सामने आया। जब इन खदान संचालकों पर करोड़ों रुपये का जुर्माना लगाया गया था, तो उन्होंने राजस्व न्यायालय में अपील की थी। ग्वालियर से ये मामले 9 साल पहले डबरा एसडीएम कोर्ट में स्थानांतरित किए गए थे। हैरानी की बात यह है कि डबरा एसडीएम कोर्ट ने इन 9 सालों में न तो मामलों की सुनवाई की और न ही जुर्माने की वसूली पर कोई अंतिम निर्णय लिया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकोर्ट की सख्ती के बाद, शासन स्तर पर भी हलचल मच गई है। डबरा एसडीएम रुपेश सिंघई का तबादला कर दिया गया है और जूही गर्ग को नई एसडीएम नियुक्त किया गया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में नई एसडीएम सभी आवश्यक रिकॉर्ड के साथ कोर्ट पहुंचीं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त, बिलौआ क्षेत्र में पत्थरों के अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग वाहनों की आवाजाही पर नजर रखने के लिए लगाए गए ई-चेकगेट के फुटेज भी कोर्ट के आदेश पर जब्त किए गए हैं। इन फुटेज से अवैध परिवहन के वास्तविक आंकड़ों का पता लगाने में मदद मिलेगी। Add text below Add image below