Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के चीनौर क्षेत्र से धान की रोपाई कर लौट रहे मजदूरों की पिकअप वाहन और ट्रक से भिड़ंत हो गई। इस भीषण हादसे में आठ मजदूरों की जान चली गई जबकि पंद्रह से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-8-15-bdc2a171
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअचानक सामने आई गाय और हो गया भीषण हादसा Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से ग्वालियर जिले के डबरा-चीनौर इलाके में धान रोपाई का कार्य करने आए मजदूर अपना काम समाप्त कर वापस अपने घर लौट रहे थे। सोमवार देर रात करीब एक बजे नेशनल हाईवे-719 पर गोहद क्षेत्र के पास रास्ते में अचानक एक गाय आ गई, जिसके चलते तेज रफ्तार पिकअप वाहन और सामने से आ रहे ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। Add text below Add image below03Quote Paragraph Heading Subheading Quote“खाना खाने के बाद मैं सो गया था। अचानक तेज धमाका हुआ। आंख खुली तो चारों तरफ खून बिखरा था। मेरे पास मेरे गांव के उपदेश और अमरसिंह खून से लथपथ पड़े थे। दोनों कुछ नहीं बोल रहे थे... इसके बाद मैं बेहोश हो गया।” - रमाकांत, घायल मजदूर Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपिकअप में सवार थे उनतीस मजदूर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहादसे के वक्त पिकअप वाहन में कुल उनतीस मजदूर सवार थे जो विभिन्न गांवों के रहने वाले थे। पिछले तीन-चार वर्षों से ये लोग रक्षाबंधन के आसपास धान रोपाई का कार्य पूरा कर अपने गृह जिले लौट जाते थे। इस बार मानसून के कारण काम में थोड़ी देर हुई और वे 2 अगस्त को ग्वालियर पहुंचे थे, जिन्होंने 3 अगस्त से चीनौर में रोपाई का कार्य शुरू किया था। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्य संपन्न होने के उपरांत सभी मजदूर रात करीब ग्यारह बजे पिकअप में बैठकर रवाना हुए थे। ज्यादातर मजदूर वाहन के भीतर नींद में थे, तभी लगभग साढ़े बारह बजे छीमका गांव के समीप यह दुर्घटना घटित हो गई। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकटर से काटकर निकाले गए फंसे हुए लोग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteटक्कर इतनी डरावनी थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए और आगे की सीटों पर बैठे मजदूर गाड़ी के ढांचे में बुरी तरह फंस गए। राहत कार्य के दौरान कटर की सहायता से वाहन को काटकर शवों और घायलों को बाहर निकाला गया। इस दुर्घटना में ठेकेदार रजनीश की भी मौत हो गई है, जिसने मजदूरों को लाने और वाहन का प्रबंध करने की जिम्मेदारी ली थी। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटनास्थल पर चीख-पुकार मचने के बाद स्थानीय निवासियों और पुलिस दल ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए घायलों को चिकित्सालय पहुंचाया। इस दुखद सड़क हादसे ने कई परिवारों की खुशियों को मातम में बदल दिया है, जो अपने बच्चों और परिजनों की घर वापसी की उम्मीद लगाए बैठे थे। Add text below Add image below