Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में लंपी वायरस संक्रमण मूक पशुओं के लिए जानलेवा साबित होता जा रहा है। समय पर आइसोलेशन सेंटर न पहुंचने और लापरवाही के कारण पिछले चौबीस घंटों में सत्रह गोवंश ने दम तोड़ दिया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-17-25f80b9f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर में लंपी वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है और गोवंश के लिए यह घातक रूप ले चुका है। स्थिति यह है कि नगर निगम की लचर कार्यप्रणाली के कारण यह संकट लगातार विकराल होता जा रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचौबीस घंटे में सत्रह गोवंश की मौत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंक्रमित गायों के इलाज के लिए रतवाई गांव स्थित वृंदावन गौशाला को आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। यहां हाल ही में गुरुवार को तेरह गोवंश की मौत हो गई थी, और इसके बाद चौबीस घंटे के भीतर कुल सत्रह गायों की जान चली गई। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौशाला में गंभीर रूप से बीमार गोवंश तिरपाल के नीचे रहने को मजबूर हैं। आंकड़ों के मुताबिक अब तक इस बीमारी की चपेट में आने से तिरेसठ गोवंश की मौत हो चुकी है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदावों और हकीकत में भारी अंतर Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमदाखलत विभाग की ओर से दावा किया जा रहा है कि लंपी से पीड़ित गोवंश को गौशाला पहुंचाने के लिए सात गाड़ियां तैनात की गई हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत इसके उलट है क्योंकि बीमार गायों को चौबीस घंटे तक नहीं उठाया जा रहा है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसमय पर वाहन न मिलने के कारण गोवंश की हालत और अधिक गंभीर हो जाती है, और जब तक वे गौशाला पहुंचती हैं, तब तक स्थिति बेहद नाजुक हो चुकी होती है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगौ-एम्बुलेंस और आर्थिक सहायता की मांग Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गंभीर परिस्थिति को देखते हुए लाल टिपारा स्थित श्रीकृष्णायन आदर्श गौशाला के स्वामी ऋषभ देवानंद महाराज ने जिला कलेक्टर से हस्तक्षेप कर सहयोग की अपील की है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने संक्रमित और गंभीर गोवंश के त्वरित रेस्क्यू के लिए लिफ्टिंग गौ-एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। साथ ही, रतवाई आइसोलेशन सेंटर की व्यवस्था सुधारने के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के जरिए पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग भी उठाई है ताकि आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा सकें। Add text below Add image below