Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के शीतला माता मंदिर के समीप हुए भीषण हादसे में जान गंवाने वालों का आंकड़ा अब 16 तक पहुंच गया है। इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर उपचार के लिए भोपाल एम्स भेजा जा रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-16-be272960
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास पूर्व में हुई भीषण सड़क दुर्घटना में मरने वालों की संख्या में इजाफा हो गया है। इलाज के दौरान एक और घायल ने दम तोड़ दिया है, जिससे इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों का कुल आंकड़ा 16 पहुंच गया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote52 घंटे बाद अस्पताल में तोड़ा दम Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हुए 78 वर्षीय मोतीराम प्रजापति ने अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वह मंदिर परिसर के द्वार के समीप प्रसाद की दुकान संचालित करते थे। गत 17 अक्टूबर की दरमियानी रात एक अनियंत्रित ट्रक ने वहां मौजूद श्रद्धालुओं को कुचल दिया था, जिसकी चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस घटना के करीब 52 घंटे बाद उनकी मृत्यु से उनके पैतृक गांव सातऊ में शोक व्याप्त है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी दुर्घटना में कुल 57 श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आ गए थे। पूर्व में 15 लोगों की जान जा चुकी थी और इस ताजा मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है, जबकि 41 लोग अभी भी उपचाराधीन हैं। मृतकों में 8 पुरुष, 5 किशोर और एक महिला शामिल हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचोट के कारण बन गया था खून का थक्का Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघायल अवस्था में परिजनों द्वारा मोतीराम को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनके पुत्र भी कार्यरत हैं। चिकित्सकों के अनुसार, दुर्घटना में लगी चोट की वजह से उनकी रक्त वाहिका में थक्का जम गया था, जिसे चिकित्सीय भाषा में सुपरफिशियल फीमोरल थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। पूर्व में वर्ष 2024 में उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा था जिसके चलते उनके हृदय में स्टेंट डाला गया था। चिकित्सकों का दल उनकी सेहत पर निरंतर नजर रखे हुए था, किंतु मंगलवार प्रात: उपचार के दौरान उनका निधन हो गया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगंभीर घायलों को एयर एम्बुलेंस से भोपाल एम्स भेजा गया Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए श्योपुर निवासी संजय शर्मा को विशेष प्रबंध के तहत एयर एम्बुलेंस के जरिए भोपाल एम्स रेफर किया गया है। हादसे में उनके दोनों पैर बुरी तरह कुचल गए थे। दुर्भाग्यवश, इसी दुर्घटना में उनके बड़े भाई महेश शर्मा और उनके छोटे बेटे शौर्य की पहले ही मृत्यु हो चुकी है। इसके अतिरिक्त, एक अन्य घायल कल्पना परिहार को भी एयर एम्बुलेंस से एम्स ले जाने की प्रक्रिया की जा रही है। स्थानीय प्रशासन और मुख्यमंत्री स्तर पर घायलों के उपचार पर कड़ी नजर रखी जा रही है। Add text below Add image below