Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में अवैध खनन और करोड़ों की रॉयल्टी वसूली में लापरवाही पर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने 16 खदानों में तत्काल खनन पर रोक लगा दी है और जिम्मेदार अफसरों को फटकार लगाई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-16-0314aec6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के बिलौआ-रफादपुर क्षेत्र में अवैध खनन और करोड़ों रुपए की रॉयल्टी व पेनल्टी वसूली से जुड़े एक मामले में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया और जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने तत्काल प्रभाव से 16 खदानों में खनन कार्य पर रोक लगा दी है। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय ने सरकारी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि जनता के टैक्स के पैसों से वेतन पाने वाले अधिकारी खनन माफिया के हित में काम कर रहे हैं। यह रवैया बिल्कुल अस्वीकार्य है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम पर भ्रामक रिपोर्ट पेश करने का आरोप Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि डबरा एसडीएम रुपेश रतन सिंघई ने बिना जमीनी हकीकत जांचे न्यायालय में भ्रामक रिपोर्ट पेश की। इसे अदालत ने गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अवैध खनन को रोकने की व्यक्तिगत जिम्मेदारी ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को सौंपी गई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअफसरों की 'कुंभकर्णी नींद' पर सवाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत ने इस बात पर भी चिंता जताई कि वर्ष 2017 में जारी करोड़ों रुपए की रॉयल्टी और पेनल्टी के नोटिसों पर नौ साल बीत जाने के बाद भी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। कोर्ट ने इस देरी को अफसरों की 'कुंभकर्णी नींद' करार देते हुए कार्रवाई में हो रही देरी पर कड़े सवाल उठाए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुनवाई के दौरान कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि सभी ई-चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। जब कोर्ट ने इन कैमरों के फुटेज की निगरानी के बारे में पूछा, तो माइनिंग अधिकारी ने स्वीकार किया कि नियमित रूप से मॉनिटरिंग नहीं की जाती है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी ई-चेक पोस्ट के डीवीआर और सीसीटीवी फुटेज को जब्त कर 17 जुलाई को सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि कोई फुटेज गायब पाया गया तो इसे सबूत मिटाने की साजिश माना जाएगा। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि बिना 'नो-ड्यूज' प्रमाणपत्र के कई खदानों की लीज का नवीनीकरण कैसे कर दिया गया। इस मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें प्रशासन को अपनी कार्रवाई रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। Add text below Add image below