Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में स्मार्ट सिटी कॉर्पोरेशन द्वारा स्ट्रीट लाइट सुधारने के लिए खरीदे जा रहे उपकरणों में बड़ा खेल सामने आया है। 70 वॉट की एलईडी के नाम पर 50 वॉट के ड्राइवर सप्लाई किए जा रहे हैं, जिसकी कीमत बाजार में काफी कम है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-150-600-51568797
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर की सड़कों पर रात के वक्त स्ट्रीट लाइटें जलती हुई तो दिखाई देती हैं, लेकिन उनके नीचे पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती। इसके पीछे स्मार्ट सिटी की एलईडी और उससे जुड़े उपकरणों की खरीदी में बरती गई अनियमितताएं सामने आ रही हैं। शहर में खराब होने वाली 70 वॉट की एलईडी लाइटों को ठीक करने के लिए दिल्ली की एक फर्म द्वारा कम क्षमता के उपकरण सप्लाई किए जाने का मामला उजागर हुआ है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकरोड़ रुपए का टेंडर और कम क्षमता के उपकरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदिल्ली की फ्लोरिडा इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री को स्मार्ट सिटी की तरफ से एलईडी और अन्य सामग्री सप्लाई करने के लिए 10.46 करोड़ रुपए से अधिक का टेंडर दिया गया है। यह वही कंपनी है जो पहले ईईएसएल को मटेरियल सप्लाई करती थी। इस मामले में हैरान करने वाली बात यह है कि मूल एस्टीमेट में जहां 14 हजार नई एलईडी यानी 10 हजार 70 वॉट और 4 हजार 110 वॉट लगनी थीं, वहीं कंपनी की सप्लाई कम रहने पर संख्या घटाकर 9 हजार कर दी गई। इसके विपरीत 70 वॉट के ड्राइवर 15 हजार से बढ़ाकर 45 हजार कर दिए गए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपर्ची हटाकर खुली पोल, टेस्टर पर जांच में सामने आई सच्चाई Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल ही में दिल्ली से 18 लाख रुपए की लागत से 3 हजार ड्राइवरों की खेप आई है। 600 रुपए प्रति ड्राइवर के हिसाब से मंगाई गई इस खेप में जब जांच की गई तो गड़बड़ी पकड़ी गई। उपकरणों के ऊपर स्मार्ट सिटी के लोगो वाली पर्ची पर 'एलईडी ड्राइवर 70 वॉट' लिखा हुआ था, लेकिन जब उस पर्ची को हटाया गया तो नीचे 50 वॉट लिखा मिला। मूल मार्किंग को घिसकर उसके ऊपर 70-75 वॉट की पर्ची चिपकाई गई थी। जब इसे 'वॉटेज एंड पीएफ टेस्टर' पर परखा गया तो रीडिंग 49.69 ही आई। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों का कहना है कि 50 वॉट का ड्राइवर लगाने से 70 वॉट की एलईडी चालू तो हो जाती है, लेकिन वह अपनी पूरी क्षमता से प्रकाश नहीं दे पाती। नौ मीटर की ऊंचाई पर लगी लाइट से करीब 24 से 25 फीट के दायरे में पर्याप्त उजाला मिलना चाहिए, जो कम क्षमता का ड्राइवर होने के कारण नहीं मिल पाता। इससे न सिर्फ सड़क पर अंधेरा रहता है, बल्कि ड्राइवर के बार-बार खराब होने और एलईडी की उम्र घटने का खतरा भी बना रहता है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजिम्मेदारों के पक्ष और जांच के निर्देश Add text below Add image below08Quote Paragraph Heading Subheading Quoteस्ट्रीट लाइट के लिए अगर कंपनी एलईडी के ड्राइवर 70 वॉट की जगह 50 वॉट के दे रही है तो यह गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं होगी। मामले की जांच कराएंगे। - टी. प्रतीक राव, प्रभारी सीईओ, स्मार्ट सिटी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी तरफ, फ्लोरिडा कंपनी नई दिल्ली के डायरेक्टर रचित अरोरा का कहना है कि उनकी कंपनी 70 वॉट की एलईडी के लिए 70 वॉट के ही ड्राइवर दे रही है और 50 वॉट के उपकरण सिस्टम से मेल ही नहीं खाएंगे। बहरहाल, स्थानीय स्तर पर इस खुलासे के बाद से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है और अधिकारियों ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच कराने की बात कही है। Add text below Add image below