Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 42 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अस्पताल और मॉर्चुरी परिसर में अपने प्रियजनों को ढूंढते हुए परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-15-d78391a5
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में शीतला माता मंदिर के समीप हुए अत्यंत दर्दनाक हादसे ने पूरे अंचल को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में कुल 15 लोगों की जान चली गई है, जबकि 42 अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से जिला अस्पताल से लेकर मॉर्चुरी तक मातम पसरा हुआ है और परिजन अपने बिछड़े हुए अपनों को ढूंढने के लिए दर-दर भटक रहे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइलाज में देरी और पुलिस व्यवस्था पर फूटा गुस्सा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहादसे का शिकार हुए 18 वर्षीय युवक गौरव को खोने वाली उसकी मां किरण का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका बेटा उस वक्त सांसें ले रहा था और वे उसे तुरंत अस्पताल ले जाना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। परिजनों का यह भी आरोप है कि एंबुलेंस को भी वहां से हटने के लिए मजबूर किया गया, जिसके कारण सही समय पर उपचार नहीं मिल सका। Add text below Add image below04Quote Paragraph Heading Subheading Quoteजहां से पैदल निकलना भी मुश्किल होता है और साइकिल तक नहीं जा सकती, उस प्रतिबंधित मार्ग तक आखिरकार भारी ट्रक कैसे पहुंच गया? Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमन्नत से पाए दोनों बेटे एक ही झटके में छीने Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस हादसे ने कई परिवारों को ताउम्र का गम दे दिया है।मुरैना जिले के जौरा स्थित हार गांगोली गांव के रहने वाले विद्याराम त्यागी का परिवार ग्वालियर के गदाईपुरा में निवास करता है। रिश्तेदार राकेश त्यागी ने जानकारी दी कि विद्याराम ने 12 वर्षों तक विभिन्न मंदिरों की परिक्रमा की थी, जिसके बाद उनके घर अमन (15) और लव (13) का जन्म हुआ था। शनिवार की रात विद्याराम के छोटे भाई अशोक और रामसनेही त्यागी इन दोनों बच्चों को लेकर मंदिर गए थे, जहां इस त्रासदी ने दोनों सगे भाइयों की जिंदगी निगल ली। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत की जंग Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहादसे में 23 वर्षीय पवन राठौर की भी मौत हो गई, जिनका शव पाकर परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। दूसरी ओर, घायल निकेश के परिजन संदीप ने बताया कि उन्हें सुबह करीब पांच बजे दुर्घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने पर निकेश गंभीर रूप से घायल मिला, जिसके दोनों पैर टूट चुके हैं और उसे फिलहाल वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा दिव्यांश कुशवाह के परिजन भी घंटों अस्पताल और मॉर्चुरी के चक्कर काटते नजर आए। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशवगृह के बाहर जुटे स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवारों ने पुलिस तथा प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ తీవ్ర आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों का मुख्य सवाल यही है कि जिस मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर पाबंदी थी, वहां तक ट्रक कैसे जा पहुंचा। फिलहाल प्रशासन स्थिति को संभालने और घायलों के उपचार पर ध्यान केंद्रित किए हुए है, जबकि पीड़ित न्याय की मांग कर रहे हैं। Add text below Add image below