Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकैंसर से जान गंवाने वाली 31 वर्षीय पूजा रजक का शव मकान मालिक द्वारा रोके जाने के बाद जिला अस्पताल के बाहर खुले परिसर में विदा करना पड़ा। इस अमानवीय घटना और पारिवारिक दुखों ने सभी की आंखें नम कर दीं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-f55bc79f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना के जिला अस्पताल परिसर से एक अत्यंत ही मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। लंबे समय से कैंसर से जूझ रही 31 वर्षीय पूजा रजक की मौत के बाद उसके परिवार को उस किराए के मकान में भी शव ले जाने की अनुमति नहीं मिली, जहां वे रहते थे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमकान मालिक ने घर में शव लाने से किया साफ इनकार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबदरवास के रहने वाले और वर्तमान में गुना के घोसीपुरा क्षेत्र में किराए पर जीवन गुजार रहे पहलवान रजक की बेटी पूजा की अस्पताल में उपचार के दौरान सांसें थम गईं। जब पिता अपनी मृत बेटी के शव को किराए के कमरे पर ले जाने लगे, तो मकान मालिक ने घर में नवरात्रि का अनुष्ठान और कार्यक्रम होने का हवाला देकर शव लाने से मना कर दिया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिस्थितियों से मजबूर बेबस पिता और परिवार को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के पास खुले परिसर में ही पूजा का अंतिम श्रृंगार और विदाई से जुड़ी अन्य रस्में पूरी करनी पड़ीं। इस हृदयविदारक दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमाजसेवियों ने की मदद, बच्चों के सिर से उठा मां का साया Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार की आर्थिक स्थिति बेहद दयनीय होने के कारण अंतिम संस्कार की व्यवस्था करना भी कठिन हो रहा था। ऐसे में संकट की इस घड़ी में स्थानीय समाजसेवी प्रमोद भार्गव और गौ सेवक राम सिंह रजक मदद के लिए आगे आए, जिनके सहयोग से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी हो सकी और शव को मुक्तिधाम ले जाया गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकैंसर जैसी गंभीर बीमारी के कारण दुनिया छोड़ने वाली पूजा अपने पीछे तीन मासूम बच्चों- दो बेटियों और एक बेटे को छोड़ गई है। मां की मौत के बाद इन नन्हे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपति पर लगे गंभीर आरोप, इंदौर से पहुंचे थे ससुराल पक्ष के लोग Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमृतका के पिता पहलवान रजक ने पूजा के पति राकेश लश्करी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार पूजा की शादी इंदौर निवासी राकेश के साथ हुई थी, लेकिन पति ने दूसरी शादी कर ली थी और तबीयत बिगड़ने पर पूजा को अकेला छोड़ दिया था। इस मामले में पहले भी थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई गई थी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की सूचना मिलने पर मृतका का पति और उसकी दूसरी पत्नी इंदौर से गुना पहुंचे थे और अस्पताल परिसर में अंतिम विदाई की रस्मों के दौरान मौजूद रहे। एक तरफ बेटी की अर्थी को घर का चौखट नसीब न होना और दूसरी तरफ मासूमों के सिर से मां का साया उठना, इस दोहरी पीड़ा ने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। Add text below Add image below