Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना के बालाजी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान महिला की मौत के बाद परिजनों द्वारा किए गए उपद्रव और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। महिला के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-9d9b0f4d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना शहर के बालाजी हॉस्पिटल में एक महिला मरीज की मौत के बाद हुए भारी हंगामे, तोड़फोड़ और चक्काजाम के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयह था पूरा घटनाक्रम और इलाज का विवरण Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयह पूरी घटना 27 सितंबर की है। आरोन क्षेत्र के भादौर गांव की रहने वाली 26 वर्षीय राजकुमारी बाई की तबीयत खराब होने पर उसे 16 सितंबर को बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसमें खून की कमी बताई थी, जिसके बाद उसे चार यूनिट ब्लड चढ़ाया गया था। हालत में सुधार होने पर 21 सितंबर को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि, 26 सितंबर की शाम महिला की तबीयत फिर से बिगड़ गई, जिसके बाद परिजन उसे दोबारा बालाजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। परिजनों का मुख्य आरोप था कि अस्पताल पहुंचने के बावजूद डॉक्टरों ने न तो मरीज का इलाज शुरू किया और न ही किसी चिकित्सक ने उसे देखना उचित समझा। इसी दौरान रात में ही उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना था कि जब वे मरीज को लेकर आए थे, तब उसकी सांसें चल रही थीं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में तोड़फोड़ और ओवरब्रिज पर किया गया था चक्काजाम Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुबह होते ही डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने अस्पताल के भीतर जमकर तोड़फोड़ की। इस दौरान वेंटिलेटर को गिरा दिया गया, रिसेप्शन पर रखे कंप्यूटर को नीचे पटक दिया गया और परिसर में रखा कूलर भी तोड़ डाला गया। इसके बाद परिजन शव को लेकर शहर के ओवरब्रिज पर पहुंचे और वहां यातायात बाधित करते हुए चक्काजाम कर दिया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के अगले दिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बैनर तले स्थानीय डॉक्टरों ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। निजी चिकित्सा संघ ने मांग की थी कि सीसीटीवी फुटेज और क्षतिग्रस्त उपकरणों के नुकसान के आधार पर उपद्रवियों के खिलाफ डॉक्टर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए और उनसे मुआवजे की वसूली हो ताकि भविष्य में चिकित्सा संस्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइन लोगों के खिलाफ दर्ज हुआ मामला Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस द्वारा मामले की गहन जांच करने के बाद नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने महेश ओझा, प्रदीप ओझा, सतीश ओझा, संजीव ओझा और धर्मवीर सिंह ढिलों सहित अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 296(ए), 324(5), 351(2), 126(2), 191(2) और 190 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर तोड़फोड़ में संलिप्त अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। Add text below Add image below