Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्यप्रदेश के गुना जिले से जुड़े एक मामले में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना के खिलाफ फर्जी एसटी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। उच्च स्तरीय छानबीन समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने यह कार्रवाई की है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-83172898
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना के रहने वाले रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी रघुवीर सिंह मीना की मुश्किलें बढ़ गई हैं। विदिशा से अनुसूचित जनजाति (ST) का फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने के मामले में उनके खिलाफ पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने एफआईआर दर्ज कर ली है। यह पूरी कार्रवाई एक उच्च स्तरीय छानबीन समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजनीतिक पृष्ठभूमि और शिकायत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरघुवीर सिंह मीना की पत्नी ममता मीना गुना जिले की राजनीति में सक्रिय रही हैं। वह वर्ष 2013 से 2018 तक चांचौड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुकी हैं और जिला पंचायत अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल चुकी हैं। वर्तमान समय में यह दोनों पति-पत्नी जिला पंचायत सदस्य के रूप में पदस्थ हैं। इस पूरे मामले की शिकायत राघौगढ़ निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी ने दर्ज कराई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteछानबीन समिति की जांच में हुआ खुलासा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत के बाद मामला मध्यप्रदेश शासन की अनुसूचित जनजाति संदेहास्पद जाति प्रमाणपत्र उच्च स्तरीय छानबीन समिति, भोपाल के पास पहुंचा। समिति ने तमाम अभिलेखों और तथ्यों की गहन जांच की। जांच में पाया गया कि वर्ष 1984 में विदिशा के आदिम जाति कल्याण विभाग के क्षेत्र संयोजक द्वारा जारी किया गया अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र पूरी तरह से अमान्य है। समिति की रिपोर्ट में मूल निवास से जुड़े दस्तावेजों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिक्षक से ओबीसी और डीएसपी बनते ही एसटी वर्ग का लाभ Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच के दौरान दस्तावेजों से यह तथ्य भी सामने आया कि पुलिस सेवा में आने से पहले रघुवीर सिंह मीना मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। इस दौरान उन्होंने खुद को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का अभ्यर्थी बताया था। इसके बाद, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा के माध्यम से उनका चयन उप पुलिस अधीक्षक (DSP) के पद पर हुआ, जहां उन्होंने आरक्षित वर्ग का लाभ उठाया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत की पुष्टि होने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सतर्कता थाने में संबंधित निवर्तमान वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब प्रमाणपत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया और उस दौरान की गई गड़बड़ियों की गहराई से विवेचना कर रही है। Add text below Add image below