Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के आरोन इलाके में 2022 के एक आत्महत्या मामले में स्थानीय अदालत ने आरोपी पिता और पुत्र को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है। मृतका ने सुसाइड नोट में प्रेमी और उसके पिता पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया था, जबकि मुख्य आरोपी राघव शर्मा एक अन्य लूट के मामले में फिलहाल जCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-2e469532
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के आरोन क्षेत्र में चर्चित खुदकुशी के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता और पुत्र को राहत दी है। करीब चार साल पुराने इस मामले में कोर्ट ने दोनों आरोपियों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। मृतका ने अपने सुसाइड नोट में प्रेमी और उसके पिता पर मानसिक रूप से परेशान करने की बात लिखी थी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्या था पूरा मामला और सुसाइड नोट की बात Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना 6 जून 2022 की रात की है, जब आरोन निवासी 19 वर्षीय राधा मीना ने अपने घर में दुपट्टे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। अगली सुबह जब वह कमरे से बाहर नहीं आई, तो परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसका शव फंदे पर लटका पाया था। पुलिस को मौके से दो पेज का सुसाइड नोट मिला था, जिसमें मृतका ने राघव शर्मा और उसके पिता महेंद्र शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए थे। नोट में लिखा गया था कि राघव ने पांच साल तक रिश्ता रखने के बाद उसे धोखा दिया और उसके पिता ने उसे अपमानित किया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुसाइड नोट और परिजनों के बयानों के आधार पर आरोन थाने की पुलिस ने राघव शर्मा और महेंद्र शर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया था, जिस पर लंबी कानूनी प्रक्रिया चली। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअदालत की महत्वपूर्ण टिप्पणी और फैसला Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामلا की सुनवाई के बाद न्यायालय ने साक्ष्यों का बारीकी से अध्ययन किया और दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने कहा कि घटना के समय आरोपी राघव का एक्सीडेंट हो गया था और वह भोपाल के एक अस्पताल में इलाज करा रहा था, जबकि उसके पिता महेंद्र वहां बतौर अटेंडर मौजूद थे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि यह मान भी लिया जाए कि पिता महेंद्र ने मृतिका से कड़वी बातें कही थीं, तो भी परिस्थितियां यह साबित नहीं करतीं कि उनका इरादा उसे खुदकुशी के लिए प्रेरित करने का था। अदालत ने टिप्पणी की कि संभवतः प्रेमी से अलगाव के तनाव के कारण मृतिका ने यह कदम उठाया, लेकिन आत्महत्या कमजोर मस्तिष्क की कार्रवाई है और वह इस स्थिति का सामना कर सकती थी या पुलिस के पास जा सकती थी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअन्य मामले में जेल में है मुख्य आरोपी Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभले ही इस मामले में राघव शर्मा को अदालत से बरी कर दिया गया हो, लेकिन वह फिलहाल जेल की सलाखों के पीछे है। राघव एक व्यापारी के मुनीम से हुई पंद्रह से सत्रह लाख रुपये की लूट के मामले में आरोपी है। गत वर्ष जुलाई महीने में कुंभराज के एक धनिया व्यापारी के कर्मचारी की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर रकम से भरा बैग लूटा गया था, जिसमें पुलिस ने राघव शर्मा को गिरफ्तार किया था और तभी से वह न्यायिक हिरासत में है। Add text below Add image below