Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलती एक तस्वीर सामने आई है, जहां एक मजबूर बहन अपने दिव्यांग और बीमार भाई को स्ट्रेचर न मिलने के कारण खुद अपनी पीठ पर बैठाकर वार्ड तक ले जाने को मजबूर हुई। राघौगढ़ क्षेत्र की इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने पर्याप्त स्ट्रेचर होने का दावCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-story-0cba54cc
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में नहीं मिला स्ट्रेचर, बहन ने उठाया भाई Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिला अस्पताल परिसर से स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को दर्शाने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक बहन अपने दिव्यांग भाई को पीठ पर लादकर अस्पताल के वार्ड तक पहुंचाने के लिए विवश नजर आई। भाई की शारीरिक स्थिति ऐसी थी कि वह अपने पैरों पर चलने में असमर्थ था, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर भी परिजनों को कोई सुविधा नहीं मिल सकी। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक साल से बीमार है दिव्यांग जगदीश Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसामने आई जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला राघौगढ़ क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। यहां की रहने वाली कृष्णाबाई अपने भाई जगदीश को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंची थीं। कृष्णाबाई ने बताया कि उनका भाई पिछले एक साल से गंभीर रूप से बीमार चल रहा है। इसके साथ ही वह दिव्यांग भी है और खुद से चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल पहुंचने के बाद जब उन्हें कोई स्ट्रेचर या वार्ड बॉय की सहायता नहीं मिली, तो बहन ने अपनी ममता और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए भाई को अपनी पीठ पर बैठा लिया। इसके बाद वह खुद पैदल ही अपने भाई को लेकर अस्पताल के वार्ड के भीतर तक पहुंची। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इस पूरी स्थिति को देखा, लेकिन किसी ने मदद के लिए आगे कदम नहीं बढ़ाया। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने दी सफाई, कहा- पर्याप्त स्ट्रेचर उपलब्ध हैं Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस घटना के तूल पकड़ने और वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार ऋषिश्वर ने इस मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जिला अस्पताल परिसर में स्ट्रेचरों की कोई कमी नहीं है और वे पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. ऋषिश्वर ने स्पष्ट किया कि क्रिटिकल केयर ब्लॉक के साथ-साथ पुराने अस्पताल भवन के पास भी नियमित रूप से स्ट्रेचर रखे जाते हैं। इसके अलावा मरीजों की सहायता के लिए वार्ड बॉय और मल्टी-यूटिलिटी कर्मचारियों की ड्यूटियां भी लगाई गई हैं। उन्होंने आशंका जताई कि कई बार मरीज के परिजन जल्दबाजी में खुद ही मरीज को उठाकर ले जाते हैं, जिसके चलते इस प्रकार की स्थितियां बन जाती हैं। Add text below Add image below