Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश की छह बिजली कंपनियों के करीब 45 हजार आउटसोर्स कर्मचारियों ने 7 और 8 नवंबर को काम बंद रखने का ऐलान किया है। संगठनों ने ठेका प्रथा समाप्त करने और अतिरिक्त मानदेय जैसी मांगों को लेकर प्रबंधन को नोटिस सौंपा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-45-fea8198d
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteत्योहारी सीजन में बिजली सेवाओं पर छा सकता है संकट Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदीपावली के दौरान बिजली आपूर्ति और तकनीकी व्यवस्थाएं संभालने वाले हजारों आउटसोर्स कर्मचारी इस बार दो दिन तक कार्य बहिष्कार की तैयारी में हैं। मध्य प्रदेश की छह प्रमुख बिजली कंपनियों में कार्यरत लगभग 45 हजार आउटसोर्स कर्मियों ने आगामी 7 और 8 नवंबर को काम नहीं करने की चेतावनी दी है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकंपनियों को सौंपा गया कामबंद आंदोलन का औपचारिक नोटिस Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमप्र बिजली आउटसोर्स कर्मचारी संगठन और विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन की ओर से इस सिलसिले में सभी छह बिजली कंपनियों को धारा 22(1) के अंतर्गत कामबंद आंदोलन का नोटिस प्रेषित किया गया है। जिन कंपनियों को यह नोटिस दिया गया है उनमें ट्रांसमिशन, जनरेशन, पावर मैनेजमेंट के साथ-साथ पूर्व, पश्चिम और मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनियां शामिल हैं। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइन आउटसोर्स कर्मियों में लाइन हेल्पर, संयंत्र सहायक, सबस्टेशन व संयंत्र ऑपरेटर, कंप्यूटर ऑपरेटर, संयंत्र पर्यवेक्षक, मीटर रीडर, सुरक्षा सैनिक, ड्राइवर और चपरासी जैसे विभिन्न पदों पर कार्यरत कर्मी शामिल हैं। इस संभावित हड़ताल के चलते मैदानी स्तर पर बिजली सेवाओं और तकनीकी कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअतिरिक्त मानदेय न मिलने और ठेका प्रथा से कर्मचारियों में रोष Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारी संगठनों का कहना है कि आउटसोर्स कर्मचारी पिछले लगभग दो दशकों से दीपावली तथा अन्य राष्ट्रीय पर्वों पर अवकाश के हकदार होने के बावजूद उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए लगातार ड्यूटी करते आ रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि करीब 90 फीसदी आउटसोर्स कर्मियों को श्रम कानूनों के प्रावधानों के बावजूद त्योहारी दिनों में किए गए कार्यों का अतिरिक्त पारिश्रमिक आज तक नहीं मिल सका है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी इन समस्याओं के विरोध में कर्मचारियों ने मध्य प्रदेश में ठेका प्रथा को पूरी तरह समाप्त करने और सीधे बिजली कंपनियों के माध्यम से वेतन भुगतान किए जाने समेत कई अन्य प्रमुख मांगें उठाई हैं। Add text below Add image below