Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के गुना जिले में पुलिस ने एक अनोखे ई-कॉमर्स फ्रॉड का खुलासा किया है। कंपनी के रिफंड सिस्टम की तकनीकी चूक का लाभ उठाकर आरोपियों ने करोड़ों की चपत लगाई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-3-2-d7c865ef
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतकनीकी खामी का फायदा उठाकर रची साजिश Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले में एक ई-कॉमर्स कंपनी के रिफंड सिस्टम में मौजूद तकनीकी खामी को स्थानीय युवकों ने ठगी का जरिया बना लिया। आरोपी शातिर तरीके से ऑनलाइन खरीदे गए मोबाइल का पूरा पैसा अपने खाते में वापस ले लेते थे और अगले ही दिन कोरियर वाले से फोन की डिलीवरी भी हासिल कर लेते थे। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारियां Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकैंट थाना प्रभारी अनूप भार्गव के निर्देशन में पुलिस टीम ने इस हाईटेक ठगी का खुलासा करते हुए बमोरी क्षेत्र के विलोदा गांव के मुख्य आरोपी शेखर मीना समेत दो लोगों को दबोच लिया है। पूछताछ के दौरान यह बात सामने आई कि इस अवैध तरीके से पिछले तीन वर्षों में करीब तीन करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअंतरराज्जीय नेटवर्क और बड़ा दायरा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस के अनुसार इस बड़े नेटवर्क में करीब 40 से 50 लोग शामिल हैं। मामले में अब तक 13 आरोपियों को नामजद किया गया है और जांच आगे बढ़ने पर ठगी की कुल रकम 10 करोड़ रुपये से भी अधिक हो सकती है। पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने बताया कि मुख्य आरोपी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं तथा कंपनी के सिस्टम में रही तकनीकी कमियों की भी गहराई से जांच की जा रही है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteठगी के इस खेल में ट्रैकिंग से बचने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करते थे और हर बार नए नाम व पते से ऑर्डर बुक करते थे। एल्गोरिदम की पकड़ से बचने के लिए गुजरात समेत अन्य राज्यों के पते उपयोग में लाए जाते थे, ताकि कंपनी को किसी प्रकार का संदेह न हो। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकंपनी के नियमों के तहत 10 से 12 दिनों तक डिलीवरी न होने पर ऑटो-रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जाती थी। मुख्य तकनीकी चूक यह थी कि ई-कॉमर्स कंपनी और कूरियर पार्टनर के बीच डेटा का रियल-टाइम सिंक नहीं था, जिसके चलते रिफंड मिलने के बाद भी डिलीवरी बॉय के ऐप पर पार्सल पेंडिंग दिखाई देता था। स्थानीय पुलिस अब इस मामले में कंपनी की आईटी टीम से तकनीकी रिपोर्ट मांग रही है। Add text below Add image below