Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryगुना जिले के म्याना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण 12 वर्षीय बच्चे की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद भी करीब तीन घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/guna-12-282a2840
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुना जिले के म्याना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में एक दर्दनाक मामला सामने आया है। यहां शनिवार सुबह 12 वर्षीय एक बच्चे की इलाज और समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण मौत हो गई। परिजनों का स्पष्ट आरोप है कि बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला मुख्यालय रेफर किया गया था, लेकिन घंटों प्रयास के बाद भी वाहन उपलब्ध नहीं हो सका। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुखार से पीड़ित था बच्चा, अस्पताल में बिगड़ी तबीयत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमिली जानकारी के अनुसार, म्याना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बसार गांव के रहने वाले शिव जैन (12) पुत्र स्व. सतीश कुमार जैन को उसकी मां और कुछ ग्रामीण तेज बुखार की शिकायत के बाद सुबह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर आए थे। अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों ने बालक का प्राथमिक उपचार तो शुरू किया, लेकिन उसकी सेहत में सुधार होने के बजाय हालत लगातार बिगड़ती चली गई। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबालक की बिगड़ती स्थिति को भांपते हुए चिकित्सकों ने उसे तुरंत बेहतर इलाज के लिए गुना जिला अस्पताल रेफर करने का निर्णय लिया। इसके बाद परिजनों द्वारा एंबुलेंस के लिए लगातार कॉल किए गए। परिजनों का दावा है कि सुबह करीब 8 बजे से 11 बजे तक वे एंबुलेंस का इंतजार करते रहे, लेकिन लगभग तीन घंटे बीत जाने के बाद भी वाहन अस्पताल नहीं पहुंचा और इसी बीच बच्चे ने दम तोड़ दिया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार का इकलौता सहारा था शिव, पिता की हो चुकी है मौत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस अमानवीय लापरवाही और हादसे के बाद पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक शिव जैन अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। परिजनों ने बताया कि बच्चे के सिर से पहले ही पिता सतीश कुमार जैन का साया उठ चुका था और वह अपनी मां के साथ रहता था। इकलौते बेटे की इस तरह मौत से परिवार में कोहराम मच गया है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि म्याना स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास के 20 से अधिक गांवों के लोग इलाज के लिए पूरी तरह निर्भर हैं। आपात स्थिति में जिला अस्पताल तक पहुंचने के लिए एंबुलेंस ही एकमात्र बड़ा साधन है, लेकिन ऐसी बुनियादी सुविधा समय पर न मिलना स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोलता है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से इस केंद्र पर स्थायी रूप से एंबुलेंस तैनात किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्वास्थ्य विभाग ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आए हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए नोडल अधिकारी सतेंद्र शर्मा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की गहन जांच कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच के दौरान एंबुलेंस सेवा या स्टाफ की तरफ से किसी भी प्रकार की लापरवाही या गलती पाई जाती है, तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below