Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में सफाई कर्मचारियों का प्रदर्शन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा, जिससे शहर में कचरे के ढेर लग गए हैं। हड़ताल समाप्त कराने पहुंचे पालिका अध्यक्ष के पुत्र की समझाइश बेअसर साबित हुई, क्योंकि कर्मचारी नियमितीकरण की मांग पर अड़े हुए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-f282cedb
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया शहर में सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल मंगलवार को भी जारी रही। काम ठप होने के कारण शहर के विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों पर कचरे के ढेर जमा होने लगे हैं। इस समय नवरात्रि का पर्व चल रहा है, जिसके चलते देवी पंडालों और मंदिरों के आसपास भी कचरा फैल गया है। इससे दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवार्ता के दौरान भड़के कर्मचारी, लगाए गंभीर आरोप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने और आंदोलनरत कर्मियों को मनाने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष के बेटे प्रशांत ढेंगुला देर रात सफाई कर्मचारियों के बीच पहुंचे। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद स्थापित कर हड़ताल समाप्त करने की अपील की। इस बातचीत के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं का पिटारा खोल दिया और पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें नौकरी पर रखने के एवज में बिचौलियों और प्रबंधकों द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपए तक वसूले गए थे। इसके बावजूद उन्हें मेहनताना मात्र 6 हजार रुपए महीना ही दिया जा रहा है। हालांकि, इन गंभीर वित्तीय आरोपों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी से पुष्टि नहीं हो सकी है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआठ घंटे काम और नियमितीकरण की मांग Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविरोध प्रदर्शन कर रहे कर्मियों का कहना है कि उनसे प्रतिदिन आठ घंटे कड़ा परिश्रम कराया जाता है, लेकिन इसके बदले न तो सम्मानजनक वेतन मिलता है और न ही उनकी नौकरी सुरक्षित है। उनका कहना है कि नगर पालिका में जितने भी रिक्त पद पड़े हैं, उन पर बाहरी ठेका प्रथा बंद कर पुराने कार्यरत कर्मचारियों को नियमित किया जाना चाहिए। कर्मचारियों ने दोटूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपालिका पक्ष स्पष्टीकरण, लेकिन समाधान नहीं निकला Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, प्रशांत ढेंगुला ने सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठेके पर सौंपे जाने के दावों को खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका द्वारा केवल घर-घर जाकर कचरा कलेक्शन करने का कार्य ही ठेके पर दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस व्यवस्था से किसी भी कर्मचारी की नौकरी नहीं छीनी जाएगी और न ही किसी को हटाया जा रहा है। इसके बावजूद कर्मचारी अपनी जिद पर कायम हैं कि पहले उन्हें नियमित किया जाए और उसके बाद ही कोई अन्य व्यवस्था लागू हो। Add text below Add image below