Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिले में 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों ने विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को भूख हड़ताल की। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-bc1ae382
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया में 23 अगस्त 2010 से पहले सेवा में आए शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। आजाद अध्यापक शिक्षक संघ और अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले शिक्षकों ने रविवार को एक दिवसीय भूख हड़ताल का आयोजन किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटीईटी अनिवार्यता समाप्त करने की प्रमुख मांग Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंगठन के जिलाध्यक्ष साबर सिंह दांगी के नेतृत्व में शिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की शर्त नहीं थोपी जानी चाहिए। शिक्षकों की मांग है कि इस संबंध में विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए ताकि आरटीई एक्ट-2009 में आवश्यक संशोधन किया जा सके। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसेवा अवधि की गणना और पेंशन लाभ का मुद्दा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने मांग उठाई कि उनकी सेवा अवधि की गणना उनकी पहली नियुक्ति के वर्ष यानी 1998, 1999, 2001, 2003 और 2005 से की जाए। इसी आधार पर उन्हें पुरानी पेंशन, ग्रेच्युटी और अवकाश नकदीकरण का लाभ दिया जाना चाहिए। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी जताई नाराजगी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिक्षकों ने विद्यालयों में लागू ई-अटेंडेंस व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग की। इसके साथ ही पिछली हड़ताल के दौरान काटे गए या लंबित रहे वेतन के भुगतान की भी पुरजोर मांग उठाई गई। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदिनभर चले इस प्रदर्शन के अंत में शिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन जिला पंचायत दतिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपा। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन जायज मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। Add text below Add image below