Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया में झांसी की तरफ से आने वाली बसें और अन्य वाहन एक किमी का चक्कर बचाने के लिए दो किमी तक रॉन्ग साइड चल रहे हैं। एनएचएआई द्वारा कट बंद किए जाने के कारण पिछले एक साल में यहां 10 सड़क हादसे हो चुके हैं जिनमें एक व्यक्ति की जान जा चुकी है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-a27fe8ae
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया में सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर वाहन चालकों द्वारा बरती जा रही लापरवाही यात्रियों की जान पर भारी पड़ रही है। झांसी की ओर से आने वाली यात्री बसें और अन्य वाहन बस स्टैंड पहुंचने के लिए तय दूरी से बचने के वास्ते गलत दिशा में वाहन दौड़ा रहे हैं। डगरई टोल प्लाजा से लेकर कलापुरम तक का यह सफर यात्रियों के लिए किसी खतरे से खाली नहीं है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकट बंद होने से बढ़ी परेशानी और रॉन्ग साइड का चलन Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकरीब एक साल पहले भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी एनएचएआई ने कलापुरम और हड़ापहाड़ के पास बने कट को पत्थरों से बंद कर दिया था। इसके बाद से डगरई टोल प्लाजा और कलापुरम के बीच डेढ़ किलोमीटर के दायरे में केवल एक ही कट बचा है जो टोल प्लाजा के पास है। इसी वजह से झांसी की तरफ से आने वाले वाहन और शहर से न्यायालय जाने वाले लोग मजबूरी या शॉर्टकट के फेर में रॉन्ग साइड चलने को विवश हो रहे हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयात्रियों के विरोध के बावजूद नहीं पसीजते चालकों के दिल Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरॉन्ग साइड दौड़ती इन बसों में बैठे यात्री कई बार अपनी जान का हवाला देकर विरोध भी दर्ज कराते हैं। बस के भीतर चीख-पुकार मचने और वीडियो बनाए जाने के बावजूद बस चालकों और परिचालकों पर इसका कोई असर नहीं पड़ता। हाल ही में रविवार शाम को भी झांसी से दतिया आ रही एक बस को गलत दिशा में डेढ़ किलोमीटर तक लाया गया, जबकि यात्री लगातार शोर मचाते रहे। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक साल में 10 हादसे, जा चुकी है एक की जान Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगलत दिशा में चलने वाले इन वाहनों की वजह से न्यू बायपास तिराहे और जिला न्यायालय के सामने स्थित अंधे मोड़ पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पूर्व में यहां छिटपुट घटनाएं होती थीं, लेकिन पिछले एक साल के भीतर छोटी-बड़ी 10 दुर्घटनाएं दर्ज हो चुकी हैं। एक मामले में तो ओरछा से लौट रही ट्रैक्टर-ट्रॉली और लोडिंग वाहन की भिड़ंत में ट्रैक्टर के बोनट पर बैठे युवक की नीचे गिरने से मौत भी हो गई थी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालात यह हैं कि जिला न्यायालय के सामने कट बनवाने के लिए वकीलों ने न सिर्फ ज्ञापन सौंपा है बल्कि न्यायालय में याचिका भी दायर की है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इस संबंध में जिला परिवहन अधिकारी स्वाति पाठक का कहना है कि यदि यात्री बसें रॉन्ग साइड आ रही हैं तो टीम भेजकर जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below