Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryदतिया जिलेभर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में विशेष अनुष्ठान और सजावट की गई है, जहां रात को जन्मोत्सव मनाया जाएगा।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/datia-story-a026fba8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदतिया जिलेभर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। शहर के तमाम प्रमुख मंदिरों में भगवान कृष्ण के प्रकटोत्सव के अवसर पर भजन-कीर्तन और भंडारे जैसे आयोजनों की रूपरेखा तैयार की गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगोविंदगंज स्थित बड़े गोविंद मंदिर में विशेष अनुष्ठान Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय परंपरा के अनुसार गोविंदगंज स्थित बड़े गोविंद मंदिर में सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठान शुरू हो गए। सेवायत पंडित विपिन गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगला आरती संपन्न होने के बाद सुबह साढ़े छह बजे ठाकुर श्री गोविंदजी को गर्भगृह से बाहर लाया गया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके पश्चात भगवान का लगभग एक क्विंटल दूध और दही से विधिवत अभिषेक किया गया। मंदिर परिसर में रात बारह बजे भगवान की जन्म आरती का मुख्य आयोजन होगा। इसके अगले दिन सुबह ठाकुरजी को पालना में विराजमान कर भक्तों को दर्शन कराए जाएंगे और इस दौरान दधिकांषौ भी लुटाया जाएगा। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के मंदिरों में सजावट और अगले दिन मटकी फोड़ प्रतियोगिता Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजन्माष्टमी के पावन पर्व पर गोविंदगंज के बड़े गोविंद मंदिर के साथ-साथ टाउनहाल स्थित छोटे गोविंदजी मंदिर में भी विशेष तैयारियां की गई हैं। शहर के सभी बांके बिहारी और कृष्ण मंदिरों को भव्य फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउत्सव की श्रृंखला में अगले दिन मंदिरों के प्रांगण में मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान ग्वालों की टोलियां पारंपरिक रूप से मटकी फोड़ने के बाद दधि-खाना लूटने की रस्म निभाएंगी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऐतिहासिक महत्व रखता है बड़े गोविंद मंदिर Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपंडित विपिन गोस्वामी ने मंदिर के इतिहास के बारे में बताया कि इस ऐतिहासिक बड़े गोविंद मंदिर की स्थापना वर्ष 1707 में तत्कालीन राजा इंद्रजीत ने करवाई थी। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने राजा को स्वप्न में दर्शन देकर दतिया आने की अपनी इच्छा प्रकट की थी। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस स्वप्न के बाद गोवर्धन के पास स्थित आनौर गांव के एक कुंड से भगवान की मूर्ति प्रकट हुई थी, जिसे अत्यंत श्रद्धा के साथ दतिया लाया गया। शुरुआत में मंदिर में केवल गोविंदजी की प्रतिमा स्थापित की गई थी, और बाद में राजा द्वारा प्रिया जू यानी राधारानी तथा बलदाऊजी की भी स्थापना कराई गई। Add text below Add image below